रांची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा झामुमो के खिलाफ आरोप पत्र जारी करते हुए हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा। मरांडी ने शनिवार को प्रदेश कार्यालय में कहा कि हेमंत सरकार के छह साल को झारखंड की बर्बादी का साल बताया। उन्होंने कहा कि यह अबुआ सरकार नहीं बल्कि ठगों की सरकार है जिसने युवाओं, महिलाओं, किसानों, आदिवासी, पिछड़े, दलित, बुजुर्ग, दिव्यांग, स्कूली बच्चे सभी को ठगा है। 1932 खतियान आधारित नीति लाने की पहली ही गारंटी फ्लाप हो गयी। झारखंडवासियों से नीति लागू करने के वादों के साथ चुनावी मैदान में उतरी सत्ता पायी लेकिन अपने लगभग दो टर्म को कार्यकाल होने के बावजूद वादे भुल गयी। हेमंत सरकार अपन सी सात गारंटी पर एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी।

उन्होंने कहा कि इस नाम पर हेमंत सरकार जनता को छह वर्षों से ठग रही। यहां की भाषा संस्कृति का संरक्षण नहीं हो रहा बल्कि 21वीं सदी में भी चंगाई सभा के नाम पर अंधविश्वास को बढ़ावा और संरक्षण देने में हेमंत सरकार जुटी है, जबकि कानूनन डायन, ओझा, गुणी पर प्रतिबंध है। उन्होंने चंगाई सभा को पूरी तरह बंद करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन ने विधानसभा चुनाव के समय जो सात गारंटी दी थी। उसपर राज्य सरकार एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी,बल्कि राज्य को वर्षों पीछे धकेल दिया। मरांडी ने इंडी गठबंधन के सात गारंटी की एक एक कर विस्तार से चर्चा की। सभी गारंटी पर सरकार की नाकामियों को उजागर किया। यहां पुलिस वास्तव में जनता की रक्षक नहीं बल्कि लूटने वाली बन गई है। हर तरफ लूट और भ्रष्टाचार है।

उन्होंने दूसरी गारंटी मंईयां सम्मान पर बोलते हुए कहा कि आज लाखों बहनों को धोखा दिया जा रहा है।वोट लेकर नाम काट दिए गए। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं पोर्टल नहीं खुलने की शिकायत लेकर दर दर भटक रहीं कोई सुनने वाला नहीं।

उन्होंने कहा कि उल्टे सम्मान राशि रोहिंग्या, बांग्लादेशी घुसपैठियों के खातों में भेजी जा रही है।

सामाजिक न्याय की तीसरी गारंटी भी पूरी तरह फेल साबित हुई।पंचायत चुनाव बिना ओबीसी आरक्षण के हुए।निकाय चुनाव में भी कुछ नहीं हुआ। एस सी, एस टी आरक्षण पर भी धोखा दिया।

चौथी गारंटी जो खाद्य सुरक्षा की थी उसमें तो लूट ही लूट मची है। 7 किलो अनाज तो मिला नहीं उल्टे पांच किलो अनाज भी लूट लिए गए। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के पतना में बड़ा घोटाला जांच में उजागर हुआ । आपदा प्रबंधन के अनाज से जिसे बाद में भरपाई की गई। 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने के वादे को तो सरकार के मंत्री ने सिरे से नकार दिया।

उन्होंने कहा कि रोजगार और स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित पांचवीं गारंटी जिसमें 10 लाख नौकरी,15 लाख का स्वास्थ्य बीमा पूरी तरह झूठा साबित हुआ। बड़े समारोह में 8791 लोगों को नियुक्ति पत्र देकर सरकार ढिंढोरा पीट रही है जबकि पिछले छह वर्षों में लगभग 30 हजार से ज्यादा कर्मचारी तो रिटायर हो चुके हैं। स्वीकृत पद से आधे कर्मचारी पदाधिकारी भी आज नियुक्त नहीं। उल्टे इस सरकार ने दो लाख से अधिक पद समाप्त कर दिए।

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