नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार 19 जून को बिहार के राजगीर में नालंदा विश्वविद्यालय के नवीन परिसर का उद्घाटन करेंगे। वर्ष 2016 मे नालंदा के भग्नावशेष को संयुक्त राष्ट्र विरासत स्थल घोषित किया गया था। विश्वविद्यालय की परिकल्पना भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) देशों के बीच एक संयुक्त सहयोग के रूप में की गई है। इस उद्घाटन समारोह में 17 देशों के मिशन प्रमुखों सहित कई प्रतिष्ठित गणमान्य शामिल होंगे। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय ने दी।

परिसर में 40 कक्षाओं वाले दो शैक्षणिक ब्लॉक हैं, जिनकी कुल बैठने की क्षमता लगभग 1900 है। इसमें 300 सीटों की क्षमता वाले दो सभागार हैं। इसमें लगभग 550 छात्रों की क्षमता वाला एक छात्र छात्रावास है। इसमें अंतरराष्ट्रीय केंद्र, 2000 व्यक्तियों तक की क्षमता वाला एम्फीथिएटर, फैकल्टी क्लब और खेल परिसर सहित कई अन्य सुविधाएं भी हैं।

यह परिसर एक नेट जीरो ग्रीन कैंपस है। यह सौर संयंत्र, घरेलू और पेयजल शोधन संयंत्र, अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग के लिए जल पुनर्चक्रण संयंत्र, 100 एकड़ जल निकाय और कई अन्य पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं के साथ आत्मनिर्भर रूप से कार्य करता है। नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास से गहरा संबंध है। लगभग 1600 वर्ष पूर्व स्थापित किए गए मूल नालंदा विश्वविद्यालय को विश्व के प्रथम आवासीय विश्वविद्यालयों में से एक माना जाता है। यह बिहार ही नहीं भारतवर्ष का वैभव रहा है।

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