रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का परिणाम रद्द होने की संभावना बढ़ गई है। अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की जांच में परीक्षा परिणाम से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में आरोप पूरी तरह प्रमाणित होते हैं तो आयोग इस परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित करने का निर्णय ले सकता है।

सीआईडी की जांच में परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीडीपीएल के कुछ कर्मचारियों, विशेषकर मार्केटिंग ऑफिसर अभय तिवारी उर्फ मनोज तिवारी की संलिप्तता की पुष्टि होने की बात सामने आई है। वहीं, प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थी सुमन सौरभ ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि वह अनुचित तरीके से परीक्षा में सफल हुआ था।

जांच के दौरान सुमन सौरभ अपनी ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी भी प्रस्तुत नहीं कर सका। उल्लेखनीय है कि परीक्षा के बाद प्रत्येक अभ्यर्थी को ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी दी जाती है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई कथित कार्बन कॉपी में यह दावा किया गया था कि उसने सामान्य अध्ययन के 200 प्रश्नों में केवल 48 प्रश्न हल किए थे, जबकि लगभग सभी उत्तर सही पाए गए थे। इसी आधार पर ओएमआर शीट में छेड़छाड़ की आशंका जताई गई है।

सीआईडी ने अब प्रारंभिक परीक्षा में सफल सभी 2,204 अभ्यर्थियों से उनकी ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी जमा करने को कहा है, ताकि उनकी विस्तृत जांच की जा सके।

गौरतलब है कि 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 2 जुलाई को घोषित किया गया था। इसके बाद मुख्य परीक्षा 25 से 27 जुलाई के बीच आयोजित होनी थी, लेकिन सीआईडी जांच शुरू होने और आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते के इस्तीफे के बाद आयोग ने मुख्य परीक्षा सहित कुल सात परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं।

यह भर्ती प्रक्रिया विभिन्न सेवाओं के 103 पदों के लिए आयोजित की गई थी। अंतिम निर्णय आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद लिया जाएगा। हालांकि, जांच की अब तक की प्रगति को देखते हुए परिणाम रद्द होने और परीक्षा दोबारा कराने की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है।

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