
पटना। बिहार सरकार राज्य में 11 नई ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करेगी। साथ ही 75 आईटीआई को आधुनिक कौशल केंद्र के रूप में अपग्रेड भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में विकास और रोजगार से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। नई सरकार के मुखिया ने अपनी पहली बैठक में कुल 22 एजेंडों को स्वीकृति दी। जिनमें राज्य में 11 नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने और 75 आईटीआई को आधुनिक कौशल केंद्र के रूप में अपग्रेड करने का बड़ा फैसला शामिल है। मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बैठक के बाद बताया कि युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देने के लिए 75 आईटीआई के उन्नयन पर 3,615 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें राज्य सरकार 1,192 करोड़ रुपये वहन करेगी। राज्य के 11 शहरों एवं आसपास में टाउनशिप के विशेष क्षेत्र में 30 जून 2027 तक जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण पर रोक लगा दी गई है। प्रस्ताव के अनुसार- पटना, सोनपुर, गयाजी, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर एवं सीतामढ़ी (सीतापुरम) इसके दायरे में आएंगे। प्रस्ताव के अनुसार, इन शहरों में टाउनशिप के विशेष क्षेत्र तथा कोर क्षेत्र के लिए मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। राज्य कैबिनेट ने सोनपुर बाबा हरिहरनाथ मंदिर प्रक्षेत्र को बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर डोर की तर्ज पर विकसित करने के लिए एकमुश्त छह सौ 80 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।तारापुर में सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटकीय सुविधाएं विकसित करने के लिए मौजा गाजीपुर में पर्यटन विभाग को 15 एकड़ नि:शुल्क जमीन देने पर भी कैबिनेट की मुहर लगी। पेपरलेस होगी जमीन रजिस्ट्री : कैबिनेट ने सात निश्चय तीन के उस सूत्र के कार्यान्वयन को भी मंजूरी दी, जिसमें 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को भूमि, प्लॉट एवं फ्लैट का घर बैठे निबंधन की सुविधा उपलब्ध कराने का वादा किया गया है। सरकार ने तय किया है कि जमीन और फ्लैट के निबंधन की पूरी प्रक्रिया अब पेपरलेस होगी।पुलिस दीदी योजना के तहत खरीदे जाएंगे वाहन : राज्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए ह्यपुलिस दीदीह्ण योजना के तहत 1500 स्कूटी और पुलिस बल के लिए 3200 मोटरसाइकिल खरीदी जाएंगी, जिस पर 66.75 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ई-आरएसएस) और पुलिस डेटा सेंटर भवन के निर्माण के लिए 172.8 करोड़ रुपये तथा अग्निशमन सेवाओं के लिए 18 करोड़ रुपये की लागत से हाईड्रोलिक फायर प्लेटफॉर्म की खरीद को मंजूरी दी गई।उच्च शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देते हुए आईआईटी पटना में 344 करोड़ रुपये की लागत से रिसर्च पार्क और इनक्यूबेशन सेंटर के विस्तार को स्वीकृति दी गई। वहीं, नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी और चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के लिए भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया गया।कैबिनेट ने 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को घर पर ही निबंधन की सुविधा देने, सड़क दुर्घटनाओं को राज्य आपदा घोषित कर एसडीआरएफ से सहायता प्रदान करने और हेल्पलाइन स्थापित करने जैसे जनहितकारी फैसलों को भी मंजूरी दी है। राष्ट्रीय फारेंसिक साइंसेंस यूनिवर्सिटी के लिए सरकार पटना जिला के पुनपुन में 50 एकड़ रैयती जमीन देगी। इसके लिए दो सौ 87 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। सामूहिक सड़क दुर्घटना को पुन: विशेष स्थानीय प्रकृति की आपदा में शामिल। इसके तहत मृत व्यक्तियों के निकटतम परिजनों व गम्भीर रूप से घायल व्यक्तियों को राज्य आपदा रिस्पांस फंड से अनुदान दिया जाएगा।
