
भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील के आसपास के गांवों में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 24 का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इधर, घटना के बाद आक्रोषित ग्रामीणों ने सागर-छतरपुर मुख्य हाइवे पर चक्काजाम कर दिया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को दुबई दौरे पर रवाना होने से पहले नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए कहा कि सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में शराब के सेवन से मृत्यु होने का समाचार अत्यंत दु:खद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। सागर जिले के प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को घटना की तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच के पश्चात इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।इधर, जहरीली शराब के हुई मौतों के बाद प्रशासन एक्शन में है। सागर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी प्रभावित गांवों में पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। क्षेत्र की 6 शराब दुकानों को एहतियातन सील कर सैंपलिंग के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मामले में पुलिस की प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश के ललितपुर का कनेक्शन सामने आया है। जांच के मुताबिक, नकली शराब पर फर्जी रैपर, सील-ढक्कन और क्यूआर कोड लगाकर उसे सागर के सीमावर्ती गांवों में सप्लाई किया जाता था। जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा है कि पुलिस ने 12 संदिग्धों को हिरासत में लेकर स्थानीय नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी है।सागर कलेक्टर ने बताया कि मामला बंडा थाना क्षेत्र के नौरोजा और घुघरा खुर्द गांव का है। शनिवार रात यहां आसपास के क्षेत्रों में कुछ लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें बंडा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद कुछ लोगों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कई मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद सागर रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचे मरीजों में कुछ के शरीर नीले पड़ने और अकड़न की शिकायत सामने आई। डॉक्टरों की निगरानी में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर शराब का सेवन करने वाले लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं।कलेक्टर ने बताया कि अब तक हुए दो-तीन पोस्टमॉर्टम में प्रथम दृष्टया मिथाइल अल्कोहल के सेवन की बात सामने आई है। वहीं, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने कहा कि प्राथमिक जांच में शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से होना सामने आया है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। ललितपुर में भी नेटवर्क खंगाला जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल लाए गए मरीजों के शरीर नीले पड़ गए थे और उन्हें अकड़न महसूस हो रही थी। प्रशासन ने बीएमसी में संदिग्ध मरीजों के लिए अलग से बेड आरक्षित किए हैं। पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है।
