
पटना। बिहार में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया है कि राज्य में एक ऐसा नया विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा, जिसे नीचे से ऊपर तक सिर्फ महिलाएं संचालित करेंगी। प्रस्तावित विश्वविद्यालय में छात्राओं, शिक्षिकाओं, प्रोफेसरों, कर्मचारियों और अधिकारियों से लेकर कुलपति तक सभी पदों पर महिलाओं की भागीदारी होगी। सरकार इसे महिलाओं की शिक्षा और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है। पटना के बापू सभागार में समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नए विश्वविद्यालय की पूरी व्यवस्था महिलाओं के हाथों में होगी। उनका मानना है कि इससे बिहार की समृद्धि और विकास का नया रास्ता खुलेगा। इस विश्वविद्यालय के जरिए छात्राओं को केवल उच्च शिक्षा का अवसर ही नहीं मिलेगा, बल्कि प्रशासन, प्रबंधन और नेतृत्व के क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में 2005 के बाद लगातार काम हुआ है। वर्ष 2006 में शुरू हुए जीविका अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को राज्य के विकास की बड़ी ताकत बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, जीविका से जुड़ी महिलाएं आज बिहार की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि जीविका बहनों के माध्यम से राज्य में बड़े स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और बाजार का विस्तार हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब एक महिला आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनती है तो उसका प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। वहीं, लाखों महिलाओं के सशक्त होने से पूरे समाज और राज्य में बदलाव की प्रक्रिया तेज होती है।हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं बिहार की महिलाएं : मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की तुलना में बिहार की महिलाएं आज शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और अन्य क्षेत्रों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। राज्य में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को उन्होंने बदलते बिहार की तस्वीर बताया।महिला विश्वविद्यालय से खुलेगा नए अवसरों का रास्ता : महिलाओं द्वारा पूरी तरह संचालित विश्वविद्यालय की घोषणा को शिक्षा के साथ-साथ महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में यह संस्थान छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा और नेतृत्व विकास का एक नया मंच बन सकता है।समृद्ध महिला, समृद्ध बिहार के लक्ष्य को मिलेगा नया आधार : सरकार का मानना है कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व के अधिक अवसर उपलब्ध कराने से राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। प्रस्तावित महिला विश्वविद्यालय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।




