
कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने शुक्रवार को चुनावी घोषणापत्र जारी किया, जिसे पार्टी ने भरोसा पत्र नाम दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में इस संकल्प पत्र का अनावरण किया। घोषणापत्र में महिलाओं, युवाओं और किसानों समेत सभी प्रमुख वर्गों को ध्यान में रखा गया है। इसमें कई योजनाओं और नकद सहायता के वादे भी शामिल हैं। भाजपा ने घोषणा पत्र में पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने का वादा किया है।
भाजपा ने महिलाओं के लिए हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण और महिला पुलिस बटालियन व ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ के गठन का वादा किया गया है। गर्भवती महिलाओं को 21,000 रुपये की सहायता और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का वाद किया गया है।इसके साथ ही राज्य के बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 15,000 रुपये की छात्रवृत्ति देने का भी ऐलान किया गया है। अमित शाह ने कहा कि यह संकल्प पत्र बंगाल को निराशा से बाहर निकालने का रास्ता दिखाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह दस्तावेज कानून का राज स्थापित करने, रोजगार बढ़ाने और सोनार बंगला के निर्माण का भरोसा देता है। उन्होंने कहा कि यह संकल्प पत्र बंगाल के विकास का रोडमैप है, जो हर वर्ग के लोगों को नई दिशा देगा।
शाह ने कहा कि बंगाल की जनता पहले वामपंथी सरकार से परेशान होकर ममता बनर्जी को सत्ता में लाई थी। फिर उन्हें दूसरी और तीसरी बार भी मौका दिया गया लेकिन सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के शासन में सिंडिकेट राज, गुंडाराज और घुसपैठ जैसी समस्याएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि यह घोषणापत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन के अनुरूप तैयार किया गया है और बंगाल के लिए विकास का स्पष्ट रोडमैप पेश करता है। शाह ने कहा कि घुसपैठ के खिलाफ जीरो टॉलरेंस लागू होगी। मैं लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि घुसपैठियों की पहचान करेंगे, उन्हें देश से बाहर भेज देंगे। सभी सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता मिलेगा और सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन दिया जाएगा। भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में कुर्माली और राजबोंगशी भाषाओं को शामिल किया जाएगा। चावल, आलू और आम की खेती के लिए सहायता दी जाएगी। पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत सभी मछुआरों का पंजीकरण किया जाएगा और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए बंगाल को अग्रणी औद्योगिक और मछली-निर्यात केंद्र बनाया जाएग।

