
पटना। झारखंड में नौकरी में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने झारखंड सरकार और विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने सोमवार को एक्स पर पोस्ट कर छात्रों पर हुई कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और विपक्ष की चुप्पी पर सवाल उठाए।
सम्राट चौधरी ने कहा कि झारखंड में नौकरी में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ विद्यार्थी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में सरकार की ओर से उनके खिलाफ की गई कार्रवाई अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के इशारे पर की गई।
विपक्ष की चुप्पी पर भी उठाया सवाल: मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे मामले पर विपक्षी दलों की चुप्पी उनके तथाकथित ‘छात्र हितैषी’ होने के दावे की पोल खोलती है। उन्होंने सवाल किया कि जब विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरते हैं तो उनके समर्थन का फैसला क्या राजनीतिक परिस्थितियों और स्वार्थ के आधार पर किया जाएगा। सम्राट चौधरी ने अपने पोस्ट में विपक्ष से सीधे सवाल किया कि क्या विद्यार्थियों के समर्थन का फैसला भी अब राजनीतिक सुविधा और स्वार्थ के हिसाब से तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दों को राजनीति से ऊपर रखकर देखा जाना चाहिए और उनके साथ हुई कार्रवाई पर विपक्षी दलों को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
पेपर लीक और नौकरी में धांधली का मुद्दा उठाया : मुख्यमंत्री ने अपने बयान में झारखंड के छात्र आंदोलन के मूल मुद्दे को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी नौकरी में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। सम्राट चौधरी के बयान के बाद झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा बिहार की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।
मुख्यमंत्री ने एक ओर सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाया, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों को उनके छात्र हितैषी होने के दावे को लेकर घेरा। इससे छात्र आंदोलन पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।

