रायसेन (मध्यप्रदेश) । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से होने वाले आयात पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने को लेकर जारी विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को भारत की अर्थव्यवस्था को दुनिया की सबसे ‘दबंग और गतिशील’ अर्थव्यवस्था करार दिया और कहा कि ‘सबके बॉस तो हम हैं’ का भाव रखने वाले कुछ देशों को यह रास नहीं आ रहा है।

यहां रायसेन में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) की रेल कोच इकाई का भूमिपूजन करने के बाद राजनाथ ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत जितनी तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है, दुनिया की कोई ताकत उसे विश्व की एक बड़ी शक्ति बनने से नहीं रोक सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘साल 2014 में धन दौलत के आकार (अर्थव्यवस्था) के मामले में भारत 11वें स्थान पर था। आज हमारा भारत दुनिया के शीर्ष चार देशों की कतार में आ गया है। तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था अगर किसी देश की है तो वह हमारे भारत की है।” उन्होंने कहा, ‘‘इसका मतलब है देश आगे बढ़ रहा है और देशवासी भी आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि देशवासी आगे नहीं बढ़ेंगे तो भारत आगे नहीं बढ़ सकता है।”

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रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘डेशिंग यानी दबंग और डायनामिक यानी गतिशील अर्थव्यवस्था किसी देश की है तो वह भारत की है।” उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि लेकिन ‘‘कुछ लोगों” को भारत का तेजी से विकास रास नहीं आ रहा है, उन्हें अच्छा नहीं लग रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘वे सोचते हैं कि सबके बॉस तो हम हैं और भारत कैसे इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है? बहुतों द्वारा ऐसा करने की कोशिश की जा रही है कि भारत में भारतवासियों के हाथों से जो चीज तैयार होती है, वह दुनिया के देशों में जाएं तो उन देशों में बनने वाली चीजों से महंगी हो जाए और वह महंगी हो जाएगी तो दुनिया के लोग उसे खरीद नहीं पाएंगे।”

राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले रक्षा उत्पादन से जुड़ी चीजें विदेशों में बनाई जाती थी और भारत उनसे खरीदता था। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आज इनमें से बहुत सारी चीजें न केवल भारत की धरती पर बल्कि भारतवासियों के हाथों बन रही हैं, हम न केवल अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं बल्कि हम दुनिया के दूसरे देशों को भी निर्यात करने का काम कर रहे हैं। दुनिया के देश हमारे सामान को खरीद रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि 2014 में नरेन्द्र मोदी जब देश के प्रधानमंत्री बने थे उस समय केवल 600 करोड़ रुपये के भारत के रक्षा उत्पाद दुनिया के दूसरे देशों में निर्यात होते थे। उन्होंने कहा, ‘‘अब हम 24,000 करोड़ से ज्यादा का रक्षा उत्पाद दुनिया के देशों को निर्यात कर रहे हैं। यह भारत की ताकत है। यह नए भारत का नया रक्षा क्षेत्र है।

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