अनगड़ा (रांची)। गेतलसूद जलाशय में प्रस्तावित सोलर फ्लोटिंग प्लांट के लिए पॉवर सब – स्टेशन निर्माण हेतु मिट्टी जांच करने आए सोलर एनर्जी कारपोरेशन आॅफ इंडिया तथा एलएनटी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मत्स्यजीवी संघर्ष समिति अनगड़ा और ओरमांझी के सैंकड़ों महिला एवं पुरुष सदस्यों ने जमकर विरोध किया। समिति के सदस्यों ने जेसीबी मशीन के समक्ष सोकर अपना विरोध प्रदर्शन किया । बाद में भारी विरोध के बीच पुलिस और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मिट्टी जांच के लिए सेंपल इक्ट्ठा किया गया ।

समिति के सदस्यों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि सांसद से वे लोग मिलकर अपनी बातों को उनके समक्ष रखे हैं इसलिए जो भी काम हो उनसे वार्ता के बाद हीं आगे का काम किया जाय । मत्स्य जीवी संघर्ष समिति का कहना था कि वे लोग गेतलसूद जलाशय से विस्थापित हैं तथा अनगड़ा और ओरमांझी प्रखंड के बीस गांव के करीब एक हजार परिवार डैम से मछली पालन और मछली पकड़कर अपना जीवन यापन करते हैं। कहा कि गेतलसूद जलाशय एक हजार परिवारों का लाईफ लाईन है।

यदि इसमें सोलर पॉवर प्लांट लग जाएगा तो एक हजार मछुवा परिवार का रोजी रोटी छीन जाएगा । एक बार तो विस्थापित हुए हैं अब दूसरी बार फिर से वे लोग विस्थापित हो जाएंगे । सोलर एनर्जी कारपोरेशन के परियोजना प्रबंधक पलव यदु से पूछने पर बताया कि करीब चार सौ करोड़ रुपये की लागत से प्रथम चरण में जलाशय के 172 हेक्टर क्षेत्र में सोलर पॉवर प्लांट प्रस्तावित है। यहां से जो बिजली उत्पादन होगा उसे सीधे सिकिदिरी ग्रीड को दिया जाएगा । मौके पर विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट के रूप में अनगड़ा अंचल अधिकारी राजू कमल बीडीओ जयपाल सोय, बुंडू डीएसपी रतिभान सिंह, थाना प्रभारी हिरालाल शाह सहित बड़ी संख्यां में पुलिस वल मौजूद थे।

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