
रामगढ़। विश्व हिंदू परिषद का 62वां स्थापना दिवस बुधवार को रामगढ़ स्थित लाइंस क्लब में मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य बौद्धिक कर्ता विहिप केंद्रीय मंत्री अम्बरीष सिंह के अलावा झारखंड प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन कुमार, प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत, कार्यकारी अध्यक्ष तिलक राज मंगलम, प्रांत सह मंत्री मनोज पोद्दार, आरएसएस जिला सह संघचालक चंद्र बहादुर एवं विहिप जिला अध्यक्ष संतु भाई मानिक मौजूद रहे। अम्बरीष सिंह ने कहा कि विश्व कल्याण के लिए अजेय हिंदू शक्ति खड़ी करने के उद्देश्य से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन 1964 में विश्व हिंदू परिषद की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि स्थापना के बाद विहिप ने देश की विभिन्न परंपराओं के संतों को एक मंच पर लाने का काम किया। उन्होंने 1969 के कर्नाटक संत सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि “हिंदवः सोदराः सर्वे,न हिन्दू पतितो भवेत,मम दीक्षा हिन्दू रक्षा,मम मन्त्र समानता” का संदेश देते हुए संतों ने छुआछूत को शास्त्रसम्मत नहीं माना और समानता का संकल्प लिया। जन्म के आधार पर कोई बड़ा नहीं कोई छोटा नहीं, कोई पावन नहीं कोई अपवित्र नहीं,हम सब भारतमाता की सन्तान हैं सहोदर भाई हैं।



उन्होंने हिंदू परिवारों से घर में गीता, रामायण और महाभारत सहित धार्मिक ग्रंथ रखने एवं उनका अध्ययन करने का आह्वान किया। कहा कि हिंदू समाज को लव जिहाद, जनसंख्या असंतुलन और सामाजिक विघटन जैसे विषयों पर गंभीरता से चिंतन करना होगा। हिंदू युवाओं को समय पर विवाह करने और समाज को संगठित होकर आगे बढ़ने की जरूरत है।
अम्बरीष सिंह ने कहा कि हिंदू समाज ने जब एक-दूसरे के हित में सोचना और सहयोग करना छोड़ा, तब इसका असर रोजगार सहित कई क्षेत्रों में दिखा। उन्होंने कहा कि विहिप स्थापना काल से ही सेवा कार्यों में जुटी है और मठ-मंदिर, अर्चक-पुरोहित, तीर्थ एवं संस्कृत की पुनर्प्रतिष्ठा के लिए लगातार कार्य कर रही है। मौके पर दुर्गा वाहिनी प्रांत संयोजिका किर्ती गौरव, जिला मंत्री छोटू वर्मा,सह भागीरथ पोद्दार, बजरंग दल रामगढ़ जिला संयोजक महेन्द्र ठाकुर, सह नंदकिशोर राम, दुर्गा वाहिनी रामगढ़ जिला संयोजिका अनामिका श्रीवास्तव,सह प्रियंका कुमारी, अर्चना महतो, सत्संग प्रमुख संतोष सिंह, जगत नारायण शाह, विनय शर्मा, अंजली कुमारी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

