नई दिल्ली। दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के बीच PM मोदी, रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक साथ सामने आई तस्वीर ने कूटनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। तीनों नेताओं का गर्मजोशी से हाथ मिलाता यह फ्रेम सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका और ग्लोबल साउथ की आवाज को सामने लाने वाला जोरदार सीन बन गया है। अमेरिका और यूरोप समेत दुनिया की प्रमुख शक्तियां भी इस घटनाक्रम को करीब से देख रही होंगी।पीएम मोदी ने BRICS शिखर सम्मेलन से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अपनी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ‘दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 शुरू हो गया है।’ तस्वीर में मोदी, पुतिन और जिनपिंग के बीच सहज और गर्मजोशी भरा अंदाज दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि यह तस्वीर सम्मेलन के राजनीतिक संदेश से कहीं आगे जाती हुई नजर आई।

BRICS में भारत की मेजबानी का दिखा प्रभाव : दिल्ली में आयोजित सम्मेलन के दौरान कई अहम द्विपक्षीय और बहुपक्षीय चर्चाएं हुईं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ग्लोबल साउथ को केवल फैसलों का पालन करने वाला नहीं, बल्कि फैसले लेने वाला पक्ष बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत ग्लोबल साउथ के नीति-निर्माताओं को वैश्विक बातचीत के लिए जरूरी विशेषज्ञता और प्रशिक्षण देने को तैयार है।

दिल्ली घोषणापत्र पर बनी सहमति, आतंकवाद और युद्ध का मुद्दा : BRICS शिखर सम्मेलन में एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि के तौर पर ‘दिल्ली घोषणापत्र’ को अपनाया गया। इसमें आतंकवाद और युद्ध से जुड़ी एकतरफा कार्रवाइयों की निंदा की गई। शनिवार सुबह तक चली गहन बातचीत के बाद विभिन्न संवेदनशील मुद्दों पर मतभेदों के बावजूद सदस्य देशों के बीच सहमति बनाने में सफलता मिली।

मोदी ने कहा- बैठक फलदायी और सकारात्मक रही : प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक को फलदायी और सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा, ‘किसी भी सदस्य ने कोई असहमति नहीं जताई।’ BRICS के मंच पर इतने महत्वपूर्ण देशों के नेताओं के बीच सहमति बनना भारत की मेजबानी और कूटनीतिक सक्रियता के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

पुतिन के साथ मोदी की अहम बातचीत : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह ही दिल्ली पहुंच गए थे। इसके बाद पीएम मोदी ने उनके साथ द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल गतिशीलता और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं के बीच मध्य पूर्व के युद्ध और काला सागर क्षेत्र के संघर्ष पर भी बातचीत हुई। मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि ऐसे संघर्षों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही निकाला जा सकता है।

जिनपिंग के साथ LAC से व्यापार तक अहम मुद्दे : चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी BRICS बैठक के लिए दिल्ली पहुंचे। पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत में LAC की स्थिति, व्यापार, निवेश और आर्थिक जुड़ाव जैसे मुद्दे अहम रहने की उम्मीद है। भारत और चीन हाल के वर्षों में रिश्तों में आए सुधार को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर है।

मध्य पूर्व पर जिनपिंग का संदेश : BRICS मंच से जिनपिंग ने भी मध्य पूर्व में जारी युद्ध को लेकर चिंता जताई। उन्होंने दुनिया के नेताओं से कहा कि मध्य पूर्व में युद्ध अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के लिए फायदेमंद नहीं है। ऐसे में दिल्ली से मोदी, पुतिन और जिनपिंग की तस्वीर के साथ-साथ इन नेताओं के संदेश भी वैश्विक कूटनीति की दिशा के लिहाज से खास महत्व रखते हैं।

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