मुंबई । आस्था और अंधविश्वास की आड़ में करोड़ों रुपये की कथित ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी ने बड़ा खुलासा किया है। मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में दाखिल चार्जशीट के मुताबिक स्वघोषित ढोंगी बंधु बाबा उर्फ अशोक कुमार एकनाथ खरात ने अपने परिवार और करीबियों के साथ मिलकर 142 बेनामी बैंक खातों का जाल बिछाकर 42.88 करोड़ रुपये के काले धन को सफेद किया। इस मामले में बंधु बाबा उनकी पत्नी कल्पना खरात समेत 6 लोगों को आरोपी बनाया गया है।ईडी की जांच में सामने आया है कि अशोक कुमार खरात खुद को भगवान शिव का अवतार बताकर लोगों को गंभीर बीमारियों से मुक्ति, व्यापार में लाभ और पारिवारिक परेशानियां दूर करने का भरोसा दिलाता था। इसके बदले वह अवतार पूजा के नाम पर भक्तों से भारी-भरकम रकम और कीमती संपत्तियां हासिल करता था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इसी तरह जुटाई गई रकम को बाद में मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए वैध बनाने की कोशिश की गई।ठगी से जुटाए गए धन को बैंकिंग सिस्टम में खपाने के लिए दो को-आॅपरेटिव क्रेडिट सोसायटियों का इस्तेमाल किया गया। राहता स्थित एक क्रेडिट सोसायटी में 108 और सिन्नर स्थित दूसरी सोसायटी में 34 बेनामी खाते खोले गए। ईडी के अनुसार, इन खातों को खोलने के दौरान केवाईसी के अनिवार्य नियमों का पालन नहीं किया गया. इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये नकद जमा और निकाले गए, ताकि अवैध धन को वैध लेन-देन का स्वरूप दिया जा सके।ब्याज के साथ निकाली रकमजांच में सामने आया है कि राहता की क्रेडिट सोसायटी में करीब 21.25 करोड़ रुपये जमा कराए गए और ब्याज सहित 23.87 करोड़ रुपये निकाले गए. वहीं, सिन्नर की सोसायटी में 1.86 करोड़ रुपये नकद जमा कर मैच्योरिटी के नाम पर 3.18 करोड़ रुपये निकाले गए. ईडी का दावा है कि यह पूरा लेन-देन मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश का हिस्सा था। महाराष्ट्र के कई शहरों में खड़ा किया साम्राज्यबेनामी खातों से निकाली गई रकम को बाद में महाराष्ट्र के कई शहरों में जमीन और आलीशान मकानों की खरीद में लगाया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक नासिक, अहमदनगर, पुणे, सोलापुर और मुंबई में खरीदी गई अधिकांश संपत्तियां खरात के परिवार और उसके करीबियों के नाम पर दर्ज हैं. इस मामले में ईडी ने अब तक 19.20 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इसके अलावा अप्रैल और मई में हुई छापेमारी के दौरान 17.70 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां जब्त या फ्रीज की गई थीं। इनमें 13.92 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी, विदेशी मुद्रा, सोने-चांदी के जेवरात और एक लग्जरी मर्सिडीज-बेंज कार शामिल है. इस तरह अब तक कुल 36.90 करोड़ रुपये की संपत्ति ईडी के शिकंजे में आ चुकी है।

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