वाशिंगटन । अमेरिका में आव्रजन को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर सख्ती दिखाई है। ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित एक नए कार्यकारी आदेश के तहत अब 19 अफ्रीकी, पश्चिम एशियाई और लैटिन अमेरिकी देशों के नागरिकों की अमेरिका यात्रा पर नई पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। यह आदेश सोमवार से प्रभावी हो गया है।
यह यात्रा प्रतिबंध उन लोगों पर लागू होगा जो अमेरिका से बाहर हैं और जिनके पास वर्तमान में वैध वीजा नहीं है। हालांकि, पहले से जारी किए गए वीजा इससे प्रभावित नहीं होंगे।

ये हैं वे 12 देश जिन पर पहले से पाबंदी लागू

अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया,
सोमालिया, सूडान, यमन। इन देशों के नागरिकों के लिए अमेरिका का रास्ता पहले ही मुश्किल था, लेकिन अब यह लगभग असंभव हो गया है।

नए सात देश, जहां से अमेरिका आना और कठिन

ट्रंप के ताज़ा आदेश से जिन सात नए देशों को सूची में जोड़ा गया है, वे हैं: बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान, वेनेज़ुएला।  इन देशों के नागरिकों को अब अमेरिका में प्रवेश पाने के लिए अत्यधिक सख्त मानदंडों का सामना करना होगा।

राजनीतिक संदर्भ और आलोचना

ट्रंप प्रशासन का दावा है कि ये प्रतिबंध “राष्ट्रीय सुरक्षा” के तहत उठाए गए हैं। मगर आलोचकों का कहना है कि यह आदेश नस्लीय और सांस्कृतिक भेदभाव को बढ़ावा देता है। अमेरिकी सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) ने इसे “आव्रजन के नाम पर मानवता के खिलाफ कार्रवाई” बताया है।

क्या है इसका असर?

विदेशों में बसे लाखों लोग जो अमेरिका में परिवार या रोजगार से जुड़ना चाहते थे, उन्हें अब कानूनी प्रक्रियाओं में और कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। इससे न केवल मानवीय बल्कि आर्थिक स्तर पर भी असर पड़ सकता है—खासकर उन देशों पर जो अमेरिका के साथ व्यापार या सहयोग करते रहे हैं।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version