वॉशिंगटन। इजरायल और ईरान की जंग में अमेरिका की जल्द ही एंट्री हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला करने की योजना को मंजूरी दे दी है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने तीन सूत्रों के हवाले ये जानकारी दी है। हालांकि, अंतिम आदेश देने से पहले ट्रंप यह देखने के लिए इंतजार कर रहे हैं कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ देगा या नहीं। इसके पहले जब ट्रंप से ईरान पर हमले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इजरायली सैन्य कार्रवाई में अमेरिका के शामिल होने की संभावना को खुला छोड़ दिया था।

ईरान को बिना शर्त सरेंडर का संदेश

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त सरेंडर करने को कहा है। उन्होंने कहा, ‘अगला सप्ताह बहुत बड़ा होने वाला है, शायद एक सप्ताह से भी कम।’ ट्रंप ने यह भी कहा कि ‘हम जानते हैं कि खामेनेई कहां छिपे हैं। हम उन्हें निकाल (मार) सकते हैं, लेकिन फिलहाल नहीं करेंगे।’ यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप ने कथित तौर पर बुधवार को ईरानी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक बैठक की व्यवस्था की थी।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने ईरानी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान जल्द ही राष्ट्रपति ट्रंप की जल्द ही मिलने की पेशकश को स्वीकार करेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वार्ता ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित होगी, वहीं विदेश मंत्रालय ने अधिकारियों ने कहा कि ईरान इजरायल के साथ युद्धविराम पर चर्चा के लिए तैयार है। इसके पहले बुधवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने ट्रंप की बिना शर्त सरेंडर की मांग को खारिज कर दिया था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने ईरानी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान जल्द ही राष्ट्रपति ट्रंप की जल्द ही मिलने की पेशकश को स्वीकार करेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वार्ता ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित होगी, वहीं विदेश मंत्रालय ने अधिकारियों ने कहा कि ईरान इजरायल के साथ युद्धविराम पर चर्चा के लिए तैयार है। इसके पहले बुधवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने ट्रंप की बिना शर्त सरेंडर की मांग को खारिज कर दिया था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

रूस ने की मध्यस्थता की पेशकश

इस बीच बुधवार शाम को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इजरायल और ईरान युद्ध पर टिप्पणी की है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान और इजरायल के बीच दुश्मनी खत्म होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि रूस ने क्षेत्र में अपने सहयोगियों को संघर्ष को बढ़ने से रोकने के बारे में अपने विचार बताए हैं। पुतिन ने कहा, ‘मुझे लगता है इस संघर्ष में सभी पक्षों के लिए एक-दूसरे के साथ समझौता करने के तरीके खोजना सही होगा।’ इसके पहले क्रेमलिन ने सुझाव दिया था कि रूस ईरान और इजरायल के बीच मध्यस्थता कर सकता है। पुतिन ने रॉयटर्स से कहा कि उनका मानना है कि ईरानी अपने नेतृत्व के समर्थन में एकजुट हो रहे हैं।

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