पटना। बिहार में रेल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार होने वाला है। राज्य में अगले 5 से 8 सालों में 200 नई ट्रेनें चलाई जाएंगी। इससे रेल यात्रियों की समस्या दूर होगी। इसमें दिल्ली से सिलीगुड़ी के बीच बनने वाला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट भी शामिल है। बुलेट ट्रेन के जरिए पटना से दिल्ली का सफर महज पौने 5 घंटे में पूरा हो जाएगा। यह घोषणा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को छपरा में की। उन्होंने कहा कि बिहार का इतिहास देश के निर्माण की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा हुआ है। रेलवे कनेक्टिविटी का विस्तार विकास की नई संभावनाएं पैदा करेगा।

रेल मंत्री ने छपरा-दिल्ली आनंद विहार एक्सप्रेस और मऊ-दिल्ली आनंद विहार एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही दोहरीघाट-औड़िहार ट्रेन का वाराणसी सिटी तक विस्तार किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल हुए। दोनों नेता पटना से विशेष सैलून ट्रेन से छपरा पहुंचे।

11 अमृत भारत और 14 वंदे भारत बिहार से चल रहीं: अश्विनी वैष्णव ने अपने संबोधन में कहा कि पहले बिहार में रेलवे का बजट सिर्फ एक हजार करोड़ रुपये था, जो हाल के वर्षों में बढ़कर 10 हजार करोड़ रुपये तक हो गया है। बिहार में 11 अमृत भारत और 14 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं। रेल मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में बिहार में बुलेट ट्रेन भी आएगी। दिल्ली से लखनऊ, लखनऊ से वाराणसी, वारणसी से पटना और पटना से सिलीगुड़ी के बीच बुलेट ट्रेन का कॉरिडोर बिछाया जाएगा। दिल्ली से पटना की यात्रा मात्र 4 घंटे 45 मिनट की रह जाएगी।

उन्होंने दावा किया कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकसित भारत का विजन है। पहला बुलेट ट्रेन का प्रोजेक्ट अहमदाबाद से मुंबई के बीच अगले साल चालू हो जाएगा। आने वाले समय में 7000 किलोमीटर लंबा बुलेट ट्रेन का कॉरिडोर देश भर में बिछाया जाएगा।

बिहार में एक लाख करोड़ की रेल परियोजनाएं : वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। केंद्र सरकार हर साल बिहार के लिए हजारों करोड़ रुपये की राशि रेलवे विकास पर खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के 38 जिलों में से 36 जिले रेलवे नेटवर्क से जुड़ चुके हैं तथा रेलवे को आधुनिक तकनीक से लैस करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

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