
: गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से एक डबल बैरल रायफल, एक देशी कट्टा, आठ जिंदा गोली, पीएलएफआई संगठन का तीन पर्चा बरामद
: गुप्त सूचना पर गुमला पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
: पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के जेल जाने के बाद दुर्गा सिंह संगठन चला रहा था: एसपी
गुमला। गुमला पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पीएलएफआई संगठन के तीन उग्रवादियों को हथिया सहित गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। गिरफ्तार उग्रवादियों में पीएलएफआई के केंद्रीय कमेटी सदस्य रांची जिला के लापुंग थाना क्षेत्र के दुर्गा सिंह, पीएलएफआई एरिया कमांडर खुंटी जिला के बकसपुर निवासी कलेश्वर हजाम व पीएलएफआई सदस्य रांची जिला के हेंदेबिली निवासी रामकुमार सिंह के नाम शामिल है।
गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से पुलिस ने एक डबल बैरल रायफल, एक देशी कट्टा, आठ जिंदा गोली, पीएलएफआई संगठन का तीन पर्चा, एक बाईक व एक मोबाईल बरामद किया है। इस संबंध में गुरूवार को एसपी शंभू कुमार सिंह ने प्रेस कान्फ्रेंस करते हुए बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि कामडारा थाना क्षेत्र में किसी अपराधिक घटना को अंजाम देने हेतु पीएलएफआई संगठन के उग्रवादी घूम रहे हैं।
सूचना के बाद एसडीपीओ बसिया के नेतृत्व में एक क्यूआरटी टीम तथा एसएसबी 32 क्यूआरटी टीम का गठन किया गया। गठित टीम को छापामारी के क्रम में कामडारा थाना क्षेत्र के मुरूकेला तेतरटोली के पास रात्रि 10:30 बजे दो बाईक में सवार होकर संदिग्ध व्यक्ति को आते देखा गया। पुलिस के द्वारा रोके जाने पर बाईक सवार लोग जंगल की ओर भागने लगे। जिसमें एक बाईक पर सवार लोग अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकले। जबकि दूसरे बाईक में सवार तीन व्यक्तियों को पुलिस ने खदेड़कर पकड़ा।
जिसमें एक पीएलएफआई का संस्थापक सदस्य दुर्गा सिंह है जो वर्तमान में पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के जेल जाने के बाद पूरे संगठन का नेतृत्व कर रहा था। दुर्गा सिंह के विरूद्ध गुमला सहित अन्य जिलों में 18 मामले दर्ज हैं। छापामारी अभियान में एसडीपीओ बसिया नाजिर अख्तर, थाना प्रभारी कामडारा शशि प्रकाश, पुअनि महेश कुमार साव, एसआई/जीडी धनवीर सिंह मनहास व सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
