पटना । बिहार के लिए इस बार का गणतंत्र दिवस बहुत का खास और यादगार रहने वाला है। दरअसल दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार बिहार के मखाना की खास झांकी देश और दुनिया का ध्यान खींचेगी। बिहार की झांकी की थीम ‘मखाना: लोकल से ग्लोबल की थाली में सुपरफूड’ रखी गई है। बता दें, मखाना बिहार का प्रमुख पारंपरिक कृषि उत्पाद है।

गणतंत्र दिवस समारोह में दिखाई जाने वाली मखाने की झांकी में मखाने का यात्रा की पूरी कहानी दिखाई जाएगी। मखाना की कैसे खेती होती है, कैसे मखाने का प्रसंस्करण होता है? फिर मखाने की भुनाई, फोड़ाई और पैकेजिंग की प्रक्रिया को विस्तार से झांकी में दिखाया गया है।

झांकी में स्थानीय श्रम, महिला सहभागिता और पारंपरिक कृषि ज्ञान को विशेष रूप से दिखाया जाएगा। एक ओर मिट्टी के चूल्हे पर लोहे की कढ़ाही में मखाना भूनती महिला और दूसरी ओर लकड़ी के मूसल से मखाना फोड़ता पुरुष पारंपरिक श्रम और ग्रामीण कौशल की जीवंत झलक पेश करेंगे। यह झांकी संदेश देगी कि कैसे बिहार का पारंपरिक कृषि उत्पाद आज पोषण से भरपूर सुपरफूड बनकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।

झांकी को दो हिस्सों में तैयार किया गया : बिहार की झांकी को दो हिस्सों में तैयार किया गया है। ट्रैक्टर खंड में कमल के पत्तों के बीच उभरा सफेद लावा मखाना दर्शाया जाएगा। इसके आगे जीआई टैग का प्रतीक और झांकी के किनारों पर मिथिला पेंटिंग की आकर्षक बॉर्डर होगी, जो बिहार की सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त बनाएगी।

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