रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को हूल दिवस के अवसर पर हूल क्रांति के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अमर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, वीरांगना फूलो-झानो, चुन्नी मांझी और सुबी हांसदा को नमन करते हुए ‘हूल जोहार’ कहा।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी संदेश में कहा कि 30 जून 1855 को भोगनाडीह से शुरू हुई हूल क्रांति शोषण और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का ऐतिहासिक प्रतीक है। वीर पुरखों ने जल, जंगल, जमीन, भाषा, संस्कृति और पहचान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, लेकिन अन्याय के सामने कभी झुके नहीं।

उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान अपने वीर पुरखों के संघर्ष और बलिदान से है तथा उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बाद झारखंड नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार वीर पुरखों के सपनों को साकार करने तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश के अंत में ‘हूल जोहार’, ‘जोहार झारखंड’ और ‘जय झारखंड’ का उद्घोष किया।

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