पटना। बिहार को जल्द ही बुलेट ट्रेन की सौगात मिलने वाली है। केंद्र सरकार इस परियोजना को लेकर गंभीर है, और जल्द ही इस दिशा में काम शुरू होने वाला है। परियोजना के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया भी जारी है। प्रस्तावित हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन वाराणसी से हावड़ा के बीच चलेगी, जिसमें बिहार के पांच प्रमुख शहरों को जोड़ा जाएगा। इन शहरों के स्टेशनों से गुजरते हुए ट्रेन वाराणसी और हावड़ा के बीच सफर तय करेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बिहार के पटना, गया, जहानाबाद, आरा और बक्सर जिलों में बुलेट ट्रेन के स्टेशन बनाए जाएंगे। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन (एनएचसी) ने इस संबंध में रूट चार्ट जारी कर दिया है। बिहार में लगभग 29.70 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा, जिसके लिए इन पांच जिलों के गांवों में जमीन चिन्हित की जा रही है।
बुलेट ट्रेन के कुल 13 स्टेशन : परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, 2023 में इस परियोजना का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया था, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाया गया। वाराणसी से हावड़ा के बीच कुल 13 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें बिहार के पांच स्टेशन शामिल होंगे। राजधानी पटना में बसूला और गया में मानपुर के पास स्टेशन बनाने की योजना है, जबकि अन्य जिलों में भी स्टेशनों के लिए स्थान तय किए जा रहे हैं।
पटना जिले में फुलवारीशरीफ, संपतचक, धनरुआ और मसौढ़ी प्रखंड के 30 गांवों की जमीन चिन्हित की गई है। जहानाबाद में शादीपुर, देवरा, मिल्की, जैतिपुर कुरवा, बिशुनपुर ओकरी समेत 28 गांवों से ट्रेन गुजरेगी। भोजपुर जिले में महुरही, तीयर, हेतमपुर, पानापुर जैसे 38 गांवों से होकर यह बुलेट ट्रेन गुजरेगी। गया जिले में मानपुर मुख्य स्टेशन के रूप में प्रस्तावित है। जिले के 41 गांवों से हाई-स्पीड ट्रेन का मार्ग तय किया गया है।

गया जिले में बनेगा मुख्य स्टेशन : गया-कोडरमा सेक्शन में बुलेट ट्रेन के लिए मानपुर में मुख्य स्टेशन बनाया जाएगा। जमीन सर्वे के बाद मिट्टी की गुणवत्ता की जांच होगी, जिसके बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दिसंबर 2024 में जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर सर्वेक्षण रिपोर्ट पर चर्चा की गई थी।

एडीएम (राजस्व) परितोष कुमार ने बताया कि गया जिले में 41 गांवों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि गया जिले में बुलेट ट्रेन के लिए स्टेशन प्रस्तावित है। इसमें 41 गांव शामिल हैं, और इनसे संबंधित जानकारी एजेंसी को दे दी गई है। वर्तमान में जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, अभी सर्वेक्षण का कार्य जारी है। वाराणसी से हावड़ा के बीच कुल 799.293 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। इस हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 350 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि औसत गति 250 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है।

बुलेट ट्रेन परियोजना के सर्वेक्षण का कार्य वेज इंफा प्राइवेट लिमिटेड ने पूरा कर लिया है। एलाइनमेंट (रूट निर्धारण) का कार्य पूरा हो चुका है, और रिपोर्ट हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को सौंप दी गई है। तय हो चुका है कि किन स्थानों पर स्टेशन बनाए जाएंगे।

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