वॉशिंगटन।पूर्ण चंद्रग्रहण के बाद मार्च का महीना अंतरिक्ष में दिलचस्पी रखने वालों के लिए एक और खास मौका लेकर आने वाला है। इसी महीने के आखिर में साल का पहला सूर्यग्रहण देखा जाएगा, जो पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा के गुजरने का दुर्लभ मौका होगा। 29 मार्च 2025 को होने वाला ये सूर्यग्रहण आंशिक होगा, जब चंद्रमा पृथ्वी के कुछ क्षेत्रों पर छाया डालते हुए सूर्य की रोशनी को रोक देगा। इस दौरान एक आश्चर्यजनक दृश्य उपस्थित होगा, जो खगोलविदों के लिए आकाशीय घटना को समझने के लिए बढ़िया मौका होगा।

सूर्यग्रहण एक खगोलीय घटना है, जो हमारी पृथ्वी और सूर्य के बीच में चंद्रमा के आ जाने की वजह से होती है। यह तीन प्रकार का होता है। पूर्ण सूर्यग्रहण, वलयाकार या रिंग ऑफ फायर और तीसरा है आंशिक ग्रहण, जो आने वाली 29 मार्च को होने जा रहा है। आंशिक सूर्यग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा हमारी धरती और सूर्य के बीच से गुजरता है। लेकिन पृथ्वी से दूर होने के चलते यह आकार में छोटा होता है और सूर्य को पूरी तरह से ढक नहीं पाता है। इससे अर्द्धचंद्राकार प्रकाश बनता है।

सूर्य ग्रहण केवल अमावस्या के दौरान होता है, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में होते हैं। आंशिक सूर्यग्रहण आमतौर पर साल में दो बार होता है। इस तरह साल 2025 में अंतरिक्ष में दिलचस्पी रखने वाले इसे दो बार देख सकेंगे। साल का दूसरा आंशिक सूर्यग्रहण 21 सितम्बर को होगा, जिसे ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा।

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