
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विभिन्न राज्यों से मिले स्मृति चिन्हों के ई-आॅक्शन का 8वां संस्करण की शुरूआत 17 सितंबर यानि गुरुवार से शुरू होगी। यह ई नीलामी पोर्टल पर 31 अक्टूबर तक जारी रहेगी। इस संस्करण में प्रधानमंत्री को विभिन्न अवसरों पर भेंट किए गए 1,498 स्मृति चिह्नों को नीलामी के लिए रखा जाएगा। इनमें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कला, हस्तशिल्प, आध्यात्मिक परंपराओं और खेल उपलब्धियों से जुड़े सामान शामिल हैं। ई नीलामी से अर्जित आय को नमामि गंगे कार्यक्रम को दिया जाएगा।
बुधवार को केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पत्रकार वार्ता में बताया कि इस बार 50 ह्यहीरो आॅब्जेक्ट्सह्ण की पहचान की गई है। इनमें कर्नाटक से भगवान राम का चांदी का स्मृति चिह्न, जिसकी शुरूआती कीमत 13.50 लाख रुपये, काकतीय कला तोरणम की चांदी की प्रतिकृति 9 लाख रुपये, गोंड कला की ह्यट्री आॅफ लाइफह्ण पेंटिंग 7.50 लाख रुपये, रथ पर जगन्नाथ परिवार 6 लाख रुपये और 99.99 प्रतिशत शुद्ध सोने की परत वाली राधा-कृष्ण कलाकृति 5.40 लाख रुपये की शुरूआती कीमत के साथ शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस संग्रह में पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, बिहार और ओडिशा समेत देश के अलग-अलग राज्यों की कला और शिल्प परंपराओं को जगह मिली है।
नीलामी से मिलने वाली राशि नमामि गंगे में जाएगी : पीएम मेमेंटोस ई-आॅक्शन की खास बात यह है कि इससे प्राप्त राशि नमामि गंगे कार्यक्रम के लिए दी जाएगी। इस तरह प्रधानमंत्री को मिले स्मृति चिह्नों की नीलामी से जुटाई गई राशि गंगा नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन से जुड़े कार्यों में इस्तेमाल होगी। नेशनल गैलरी आॅफ मॉडर्न आर्ट ने इस पहल के दस्तावेजीकरण, प्रदर्शनी और संचालन का समन्वय किया है। तकनीकी और पोर्टल संबंधी सहायता समेत भुगतान, मूल्यांकन, पैकिंग और डिलीवरी की प्रक्रिया में विभिन्न संस्थाएं सहयोग कर रही हैं। नीलामी से पहले एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जहां लोग इन स्मृति चिह्नों को देख सकेंगे और उनकी कलात्मक व सांस्कृतिक विशेषताओं को समझ सकेंगे। मंत्रालय ने नागरिकों, संग्रहकतार्ओं, संस्थानों, कॉरपोरेट्स और कला-संस्कृति प्रेमियों से ई-नीलामी में भाग लेने की अपील की है।
उल्लेखनीय है कि पीएम मेंमोंटोज के सातवें संस्करण में अबतक 7441 स्मृति चिन्हों की ई नीलामी हो चुकी है जिससे 52 करोड़ रुपये अर्जित किए गए हैं। इसमें अबतक 92 हजार से ज्यादा लोगों ने पंजीकरण कराया था।
