
बेंगलुरु । कर्नाटक के दावणगेरे जिÞले में उत्तर प्रदेश के एक 20 वर्षीय युवक की गिरफ़्तारी के साथ ही अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की एक कथित साजिÞश को नाकाम कर दिया गया। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर के रहने वाले सुहैल के तौर पर हुई है। उसे हरिहर से गिरफ़्तार किया गया, जहाँ वह कथित तौर पर पिछले 15 दिनों से एक फैक्ट्री में काम कर रहा था। जाँचकर्ताओं का दावा है कि संदिग्ध ने अयोध्या मंदिर को निशाना बनाने की योजनाओं पर चर्चा की थी और उसके मोबाइल फोन से बरामद आपत्तिजनक सामग्री की जाँच की जा रही है।जांच एजेंसियों का कहना है कि वह सामान्य मजदूर की तरह रहकर अपनी गतिविधियों को छिपाने की कोशिश कर रहा था। जाँच एजेंसियो द्वारा पूछताछ के दौरान सामने आया कि राम मंदिर को निशाना बनाने की योजना पर काम किया जा रहा था। एजेंसियों को शक है कि इस साजिश के पीछे संगठित नेटवर्क सक्रिय था, जिसके तार देश के बाहर बैठे लोगों से जुड़े हो सकते हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी कई ऐसे सोशल मीडिया समूहों से जुड़ा था, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध मानी जा रही हैं।मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में पाकिस्तान का एक नंबर भी मिला है, जिसे कथित तौर पर राणा बॉय नाम से सेव किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार इन नंबरों पर व्हाट्सएप कॉल के जरिए बातचीत के संकेत मिले हैं। इसके अलावा मोबाइल गैलरी से हथियारों के साथ ली गई कुछ तस्वीरें भी बरामद हुई हैं, जिन्हें जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।सूत्रों के अनुसार सुहैल ने पूछताछ में दावा किया है कि वह अकेला नहीं था और उसके साथ कई अन्य लोग भी संपर्क में थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं तथा उन्हें किस प्रकार के निर्देश दिए जा रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों को स्लीपर सेल की भूमिका की भी आशंका है।




