पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन ने मंगलवार को अपना घोषणापत्र तेजस्वी प्रण के नाम से जारी किया, जिसमें रोजगार, सामाजिक न्याय और अल्पसंख्यक अधिकारों को केंद्र में रखते हुए कई बड़े वादे किए गए हैं। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा कि यह घोषणापत्र नहीं, बिहार के पुनर्निर्माण का संकल्प है।

तेजस्वी यादव के साथ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और माले (लिबरेशन) महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य की मौजूदगी में जारी इस घोषणा पत्र में वादा किया गया कि सरकार बनने के 20 दिन के भीतर हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। तेजस्वी ने कहा, ह्ययह दलों और दिलों का प्रण है। हर घोषणा जनता के प्रति वचन है, जिसे हर हाल में निभाया जाएगा।

घोषणापत्र की मुख्य बातें
रोजगार का बड़ा वादा: सरकार बनते ही 20 दिन के भीतर विधेयक लाकर हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सवा करोड़ रोजगार : पांच साल में सवा करोड़ युवाओं के लिए रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है।
भूमिहीनों को जमीन : दलितों, पिछड़ों और अतिपिछड़ों को शहरी क्षेत्र में तीन डिसमिल तथा ग्रामीण क्षेत्र में पांच डिसमिल आवासीय भूमि दी जाएगी।
वक्फ कानून पर रोक : बिहार में वक्फ (संशोधन) अधिनियम पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का ऐलान।
पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) : सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का वादा।
शिक्षा नीति की समीक्षा : केंद्र की नई शिक्षा नीति के ह्यदुष्प्रभावोंह्ण की समीक्षा कर बिहार के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था तैयार की जाएगी।
आरक्षण में बढ़ोतरी : आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक करने के लिए विधानसभा द्वारा पारित कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने की सिफारिश की जाएगी।
अल्पसंख्यक सुरक्षा: सच्चर समिति की सिफारिशों को लागू करते हुए मुस्लिम समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने का वादा।
सांप्रदायिक सौहार्द : धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, ह्यहेट स्पीचह्ण और मॉब लिंचिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन।

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