
नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं से मुलाकात नहीं कर पाने की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने इस संबंध में मिले पत्र का जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे देश के प्रत्येक नागरिक के लिए खुले हैं और अदालत कानून के अनुसार सभी की शिकायतों पर सुनवाई करती है।



राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के 33वें स्थापना दिवस समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में सीजेआई सूर्यकांत ने बताया कि उन्हें संबंधित पत्र एक दिन पहले मिला था और उन्होंने उसी रात उसका जवाब दे दिया। उन्होंने कहा कि पत्र पर उससे एक दिन पहले की तारीख थी, लेकिन बाहर होने के कारण उन्हें यह देर से प्राप्त हुआ।
सीजेआई ने कहा कि उन्होंने अपने जवाब में कुछ कारण बताते हुए मुलाकात करने में असमर्थता जताई है। साथ ही, उन्होंने पत्र की सामग्री के बारे में संबंधित पक्षों से ही जानकारी लेने का आग्रह किया और कहा कि उन्होंने पत्राचार की गोपनीयता बनाए रखी है।
हर नागरिक को अदालत आने का अधिकार
मुख्य न्यायाधीश ने न्यायपालिका की भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में कोई भी व्यक्ति याचिका दायर कर सकता है। इसमें आम नागरिकों से लेकर निर्वाचित निकायों के सदस्यों तक सभी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक को अदालत का दरवाजा खटखटाने का अधिकार है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अदालत कानून के मुताबिक शिकायतों की सुनवाई करेगी और जिन लोगों को राहत मिलनी चाहिए, उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास करेगी।
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर भी दी सफाई
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से संबंधित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सुप्रीम कोर्ट दौरे को रद्द किए जाने के सवाल पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि इस मामले में हितों के टकराव की आशंका अधिक थी।
उन्होंने बताया कि इस विषय पर प्रशासनिक स्तर पर विचार-विमर्श किया गया। उनके और वरिष्ठ न्यायिक सहयोगियों के बीच सामूहिक रूप से यह राय बनी कि हितों के टकराव की किसी भी संभावित स्थिति से बचना जरूरी है।
एसआईआर को लेकर विपक्ष का विरोध
इस बीच, इंडिया ब्लॉक के प्रस्तावित मार्च को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रस्तावित मार्च को व्यापक जनहित से जुड़ा बताते हुए कहा है कि यह किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सभी भारतीयों का मुद्दा है।
कांग्रेस इस अभियान के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र की नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि एसआईआर प्रक्रिया से सरकार को फायदा हुआ है। यह मुद्दा विपक्ष और निर्वाचन आयोग के बीच विवाद का प्रमुख विषय बना हुआ है।

