रांची। जेपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितता, पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी का विरोध कर रहे झारखंड के विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले छात्रों का सैलाब सोमवार को रांची में उमड़ा। विरोध प्रदर्शन किया, पुलिस व छात्रों के बीच हल्की झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थर चले तो पुलिस ने लाठियां भी भांजी। इसमें दोनों तरफ से दर्जनभर चोटिल भी हुए। पुलिस की आरे से आंशू गैस के गोले चले, वाटर कैनन से प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार भी डाली गई। कंटीले तारों की आठ बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए हजारों प्रदर्शनकारी छात्र जगन्नाथपुर मंदिर परिसर स्थित जंगल के रास्ते, पगडंडियों, खेतों से होते हुए विधानसभा पहुंच गए।

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इस क्रम में जहां-तहां लगे पुलिस के कैनोपी को भी उखाड़ फेंका, सड़क किनारे के बैरियर को भी पलटा। छात्रों ने जमकर सरकार विरोधी नारेबाजी की। वे मुख्यमंत्री से वार्ता पर अड़े रहे। वे जेपीएससी की परीक्षाओं को रद करने, आयोग को रिफार्म करने व सीबीआई से जांच की मांग करते रहे।

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भारी बारिश के बीच भी छात्र मौके पर डटे रहे। छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस बेबस नजर आई। पुलिस की सभी तैयारियां धरी रह गईं। इस विरोध प्रदर्शन में छात्रों के समर्थन में भाजपा के वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता भी सामने आए और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के क्रम में अपनी गिरफ्तारी भी दी।

पुलिस ने झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल सहित भाजपा के सभी 21 विधायकों व करीब 50 से ज्यादा नेताओं व कार्यकतार्ओं को हिरासत में ले लिया था। हिरासत में लिए गए नेताओं को खेलगांव स्थित कैंप जेल ले जाया गया था।

एंबुलेंस से धरनास्थल पहुंचे थे छात्र नेता देवेंद्र महतो
छात्र नेता देवेंद्र महतो जयपाल सिंह स्टेडियम स्थित धरना स्थल से एंबुलेंस से प्रदर्शन स्थल जगन्नाथपुर मंदिर पहुंचा था।

वहां प्रदर्शन के दौरान तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने देवेंद्र महतो को एंबुलेंस से ही अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। चोटिल छात्रों को भी पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार हुआ।

पहली विधानसभा के इतने करीब पहुंचे प्रदर्शनकारी : झारखंड के इतिहास में यह पहली बार था, जब झारखंड विधानसभा के इतने करीब प्रदर्शनकारी पहुंच गए थे। अमूमन प्रदर्शनकारियों को जगन्नाथपुर मंदिर के पास ही रोका जाता रहा है। प्रत्येक विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा में तैनात जवान वहां से किसी भी प्रदर्शनकारी को आगे नहीं बढ़ने देते थे। जगन्नाथपुर मंदिर से विधानसभा की दूरी करीब दो किलोमीटर है।

इसी दो किलोमीटर के बीच पांच बैरियर लगा था। छात्रों ने सभी बैरियर व सभी बाधाओं को तोड़कर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करते हुए विधानसभा तक पहुंचे थे। यह ऐतिहासिक था, जब छात्र वहां तक पहुंच गए थे।

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