
रांची। भाजपा के प्रदेश नेताओं ने बुधवार को मुख्य सचिव अविनाश कुमार से मिलकर छात्रों पर दर्ज प्राथमिकी रद करने तथा परीक्षाओं में गड़बड़ियों की सीबीआइ जांच की मांग की थी। भाजपा के इस कदम के जवाब में महागठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने भी गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन सचिवालय में मुख्य सचिव से मुलाकात की। नेताओं ने उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए छात्रों की आड़ में अराजकता फैलानेवालों के विरुद्ध 48 घंटे के भीतर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में झामुमो, कांग्रेस, राजद और माले के नेता सम्मिलित रहे। नेताओं ने कहा कि छात्र आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने और राजनीतिक माहौल बिगाड़ने वाले भाजपा के लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्र और असामाजिक तत्वों को अलग-अलग चिन्हित कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई हो। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव को वीडियो फुटेज भी सौंपे, जिसमें अराजकता फैलाने वाले लोगों की गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया गया। मांग की कि फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए और निर्दोष छात्रों को किसी भी स्थिति में परेशान न किया जाए।
सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय है। गठबंधन नेताओं ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक आंदोलन का सम्मान किया जाना चाहिए और अराजक तत्वों के साथ कानून सम्मत कार्रवाई होनी चाहिए।
आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा आंदोलन को भटकाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी छात्र की संलिप्तता अराजकता में पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध भी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक विकास मुंडा, एमटी राजा, सुदीप गुड़िया, ममता देवी, सुरेश बैठा, राजद के मनोज पांडेय, आबिद अली भी सम्मिलित रहे।
झामुमो के महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि छात्रों और अराजक तत्वों को एक नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। आंदोलन में शामिल हर व्यक्ति की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जाए और जिसकी भूमिका अराजकता फैलाने में सामने आए, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि सरकार को बदनाम करने के लिए छात्र आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के अलग-अलग विंग ने छात्र आंदोलन की आड़ में माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की।
वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि छात्रों की आड़ में अराजकता फैलाने वालों पर 48 घंटे के भीतर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सीआइडी जांच में तेजी लाने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई से अराजक तत्वों का मनोबल बढ़ेगा।
