
रांची।झारखंड हाई कोर्ट ने जेएसएससी- सीजीएल से नियुक्त हुए अभ्यर्थियों को राहत बरकरार रखा है। अदालत ने राज्य सरकार की ओर से नियुक्ति रद करने के आदेश पर रोक जारी रखने के साथ ही मामले में अगली सुनवाई की तिथि 18 सितंबर तय की है।सरकार की ओर से सीआइडी की जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट में पेश करने और शपथ पत्र दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई। अदालत ने इसको स्वीकार करते हुए 48 घंटे में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।
22 प्रतियोगी परीक्षाएं की गई थीं रद्द :दरअसल, जेपीएससी और जेएसएससी की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में करीब एक महीने तक आंदोलन चला था। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में 17 अगस्त को बड़ा फैसला लिया गया था। राज्य सरकार ने 22 प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने, 6 परीक्षाओं को स्थगित करने और 17 परीक्षाओं की सीआईडी जांच कराने का निर्णय लिया था। कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले के बाद 18 अगस्त को संबंधित विभाग ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी थी।
सरकार के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती : राज्य सरकार के फैसले से जेएसएससी-सीजीएल, 11वीं से 13वीं जेपीएससी, सीडीपीओ और फूड सेफ्टी ऑफिसर समेत कई परीक्षाओं से चयनित अभ्यर्थी प्रभावित हुए। नौकरी कर रहे इन अभ्यर्थियों ने अपने भविष्य को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 20 अगस्त को हाईकोर्ट ने सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी थी। मंगलवार की सुनवाई में अदालत ने इस रोक को बरकरार रखा। अब 18 सितंबर को होने वाली सुनवाई में सरकार का जवाब महत्वपूर्ण होगा।

