नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए टैक्स रिजीम को चुनने वालों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार कर दिया है। पुराने टैक्स रिजीम में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि आयकर एक्ट की छह महीने में समीक्षा की जाएगी। टैक्स को आसान बनाया जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि वह आयकर अधिनियम की व्यापक समीक्षा करेंगी, ताकि इसे पढ़ना आसान हो सके। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2024-25 के लिए केंद्रीय बजट पेश करते हुए यह भी कहा कि सरकार टीडीएस चूक के लिए एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) लेकर आएगी। ऐसे अपराधों के लिए समझौते को सरल और युक्तिसंगत बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि धर्मार्थ ट्रस्ट के लिए दो कर छूट व्यवस्थाओं को एक में मिला दिया जाएगा। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2022-23 में 58 प्रतिशत कॉरपोरेट कर सरलीकृत कर व्यवस्था से आया है।

सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि दो-तिहाई से अधिक व्यक्तियों ने नई आयकर व्यवस्था का लाभ उठाया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि क्रेडिट, ई-कॉमर्स, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून, एमएसएमई सेवा वितरण और शहरी शासन के लिए डीपीआई एप विकसित किए जाएंगे।

3 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं
3-7 लाख रुपये तक 5 प्रतिशत टैक्स
7-10 लाख रुपये तक 10 प्रतिशत टैक्स
10-12 लाख रुपये तक 15 प्रतिशत टैक्स
12-15 लाख रुपये तक 20 प्रतिशत टैक्स
15 लाख से अधिक तक 30 प्रतिशत टैक्स

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