लखीसरायः पवित्र सावन महीने की तीसरी सोमवारी पर लखीसराय जिले के अशोक धाम मंदिर परिसर के समीप भगदड़ मचने से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए हैं। बताया गया है कि मंदिर में तीसरी सोमवारी पर बाबा भोलेनाथ पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस भगदड़ की घटना में सात लोगों की मौत हो गई। हादसे में मरने वाले श्रद्धालुओं में ज्यातादर महिलाएं शामिल हैं। इस दुर्घटना में घायल हुए लोगों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

खंभा गिरने पर अफवाह : लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार ने कहा कि श्रद्धालुओं की लाइन अशोकधाम हॉल्ट तक पहुंच गई थी। हॉल्ट पर दो ट्रेनें रुकी हुई थीं। अचानक वहां बिजली का एक खंभा गिर गया। यह खंभा पुरुषों की लाइन के ओर था। खंभा गिरने पर अफवाह फैल गई कि लोगों पर बिजली का तार (लाइव वायर) गिर गया है, लेकिन वह केबल वायर था। इससे बाईं ओर महिलाओं की लाइन पर दबाव बन गया। इस वजह से महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिर गईं। पुलिस प्रशासन सुबह 3 बजे से ही वहां गश्त कर रहा था। यह सब अचानक 2 मिनट के अंदर हुआ।

दो ट्रेनों के ठहराव के कारण भीड़ बढ़ गई : घटना के संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि पुलिस-प्रशासन की पूरी टीम सुबह 3 से 3.30 बजे मौके पर मौजूद थी। लगभग 6:45 बजे मौजूद थी। सब व्यवस्थित था। अचानक अप्रत्याशित भीड़ हो गई। इस बीच 6:30 से 6:45 बजे के लगभग में दो ट्रेन का ठहराव भी हो गया। जिसके कारण मंदिन में भीड़ बढ़ गई। मंदिर में एक तो पहले से भीड़ थी और ट्रेन के ठहराव के बाद भीड़ बढ़ गई।

जिलाधिकारी ने बताया कि पुलिस की व्यवस्था और स्वास्थ्य की व्यवस्था के तहत में पहले से एम्बुलेंस मौके पर मौजूद थे। संकरी गली होने के कारण टोटो एम्बुलेंस और बाइक एम्बुलेंस की भी व्यवस्था थी। तमाम व्यवस्थाएं की गई थी, क्योंकि अप्रत्याशित भीड़ होने का प्रशासन लोगों ने आकलन भी किया था। इस बीच पता चला कि एक साइड में खेत की ओर से भीड़ आगे बढ़ने लगी, जिसके कारण बैरिकेंटिंग टूट गया और लोग एक दूसरे पर गिरने लगे। जिसके कारण भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।

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