
पटना । बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने हैं। इसी क्रम में 24 अप्रैल को बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। यह सत्र बिहार की राजनीति के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सदन में विश्वास मत प्रस्ताव पेश करेंगे और अपनी सरकार के बहुमत को साबित करने की कोशिश करेंगे। हाल के दिनों में सत्ता संरचना में बड़ा परिवर्तन हुआ है। बिहार में एनडीए की सरकार है लेकिन पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री और जदयू के दो उपमुख्यमंत्री बने हैं। एनडीए की सरकार में पहले मुख्यमंत्री के पद का दायित्व नीतीश कुमार संभाल रहे थे, जबकि भाजपा कोटे से उपमुख्यमंत्री बनते रहे थे।विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, सत्र की अधिसूचना मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों और विधायकों को भेज दी गई है। यह पत्र निदेशक राजीव कुमार, बिहार विधान सभा, पटना के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सत्र 24 अप्रैल 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे से बिहार विधानसभा भवन, पटना में आयोजित किया जाएगा।पिछले साल नवंबर में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए के 202 विधायक चुनकर आए थे। इस तरह से एनडीए के पास बिहार विधानसभा में अपार बहुमत है। उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था।राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी। सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने। उनके साथ दो उपमुख्यमंत्रियों ने भी शपथ ली है। माना जा रहा है कि कुछ राज्यों में हो रहे चुनाव के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा।

