
सतना। मध्य प्रदेश के दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सतना एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया। इसके साथ ही एयरपोर्ट पर पहली उड़ान भी ऐतिहासिक बन गई, जब छह आदिवासी महिलाओं ने सतना से रीवा और रीवा से सतना तक अपनी पहली हवाई यात्रा पूरी की। यह क्षण उनके लिए भावनात्मक और अभूतपूर्व था। इन महिलाओं की खुशी देखने लायक थी। हवाई चप्पल पहनने वाली ये महिलाएं जब पहली बार विमान में सवार हुईं, तो उन्होंने बताया कि यह उनके लिए किसी सपने के साकार होने जैसा अनुभव था।
उद्घाटन के मौके केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरली किसन माहुली, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल और सतना के सांसद गणेश सिंह उपस्थित थे। सांसद गणेश सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट का रनवे पूरी तरह तैयार है और यहां से भोपाल और इंदौर के लिए नियमित हवाई सेवा शुरू हो चुकी है। फिलहाल 19 सीटर छोटे विमानों की उड़ान संचालित की जा रही है क्योंकि रनवे की लंबाई अभी 1,200 मीटर है। भविष्य में रनवे का विस्तार कर बड़े विमानों की लैंडिंग की योजना है। सप्ताह के सभी दिन (बुधवार को छोड़कर) एक 8 सीटर विमान सुबह 10 बजे भोपाल के लिए उड़ान भरेगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बल मिलेगा।
पहली उड़ान का अनुभव करने वाली महिलाओं ने अपने उत्साह को शब्दों में व्यक्त किया। संगीता कोल ने कहा कि यह किसी सपने जैसा है, हमने कभी नहीं सोचा था कि हवाई यात्रा करेंगे। छोटी कोल ने मुस्कुराते हुए कहा कि हम हवाई चप्पल तो पहनते थे, पर मोदी जी ने हमें हवाई जहाज में बिठा दिया। यह शांति और विकास का प्रतीक है।
मुन्नी कोल ने कहा कि मोदी सरकार की योजनाओं से हमें घर, राशन और अब हवाई यात्रा मिली। हम आभारी हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी जी ने हमें आत्मविश्वास दिया।सुमित्रा ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे खुशी का पल है। रितु ने कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि हवाई यात्रा करेंगे, लेकिन आज यह सपना पूरा हुआ। चंद्रप्रभा गौतम ने कहा कि सतना एयरपोर्ट महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम है।
