
नवादा। हिसुआ की देवरानी- जेठानी की लड़ाई राजनीति में शुक्रवार को एक बड़ा उलटफेर हुआ है। कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष और जिला परिषद सदस्य रह चुकीं आभा देवी अब अपनी जेठानी और वर्तमान विधायक नीतू कुमारी के खिलाफ मैदान में उतर गई हैं। उन्होंने एनडीए के भाजपा प्रत्याशी अनिल सिंह से मुलाकात की और उनके प्रचार कार्य में जुट गईं। आभा देवी का यह कदम हिसुआ में राजनीतिक हलचल पैदा कर रहा है। वह पूर्व में कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रह चुकी हैं और अब भाजपा प्रत्याशी अनिल सिंह के पक्ष में प्रचार कर रही हैं।
गौरतलब है कि वर्तमान विधायक नीतू कुमारी एक बार फिर कांग्रेस के टिकट पर हिसुआ विधानसभा से चुनावी समर में किस्मत आजमा रही हैं। आभा देवी उनकी देवरानी हैं। जेठानी-देवरानी के बीच आपसी विवाद काफी समय से चल रहा है। हालांकि, 2020 के विधानसभा चुनाव में देवरानी आभा देवी ने अपनी जेठानी नीतू कुमारी के पक्ष में प्रचार किया था। तब क्षेत्र के लोगों को लगा था कि परिवार का विवाद थम गया है। नवादा में देवरानी जेठानी के बीच होने वाले प्रचार युद्ध को लेकर लोगों में उत्साह है। लोग देखना चाहते हैं कि राजनीति में कैसे अपने एक दूसरे के खिलाफ होते हैं।
लेकिन, नीतू के चुनाव जीतने के बाद विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया और दोनों की राहें जुदा हो गईं। नीतू और आभा दोनों पूर्व राज्यमंत्री स्व. आदित्य सिंह की पुत्रवधू हैं, जिन्होंने करीब छह बार हिसुआ विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया था। बहरहाल, जेठानी के खिलाफ एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में उतरीं देवरानी का यह फैसला चुनाव परिणामों पर क्या असर डालेगा, यह 14 नवंबर को ही स्पष्ट होगा। देवरानी- जेठानी को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा हो रही है। कौन किस पर भारी पड़ेगी।
