
रांची। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया 20 जून से शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। प्रत्येक घर तक संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी गुरुवार को धुर्वा स्थित निर्वाचन सदन में मीडिया प्रतिनिधियों के लिए आयोजित एक दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के क्रम में 20 जून से 29 जून तक तैयारी, प्रशिक्षण एवं आवश्यक मुद्रण कार्य किए जाएंगे। इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे और सत्यापन करेंगे। इसके बाद प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त को होगा। फिर 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा एवं आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। नोटिस पीरियड तथा दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 3 अक्टूबर तक चलेगी। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 7 अक्टूबर को किया जाएगा। इस विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए अर्हता तिथि एक अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के क्रम में नए मतदाताओं के आवेदन, दावा एवं आपत्तियां दर्ज करने के क्रम में बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) द्वारा घर-घर जाकर संकलित किए जाएंगे। जिन मतदाताओं से बीएलओ का संपर्क नहीं हो पाएगा, उनके लिए विशेष कैंप भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई के सूची से नहीं हटाया जाएगा और उन्होंने लोगों को भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने की सलाह दी। इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार उपस्थित रहे।

