नई दिल्ली। मोदी सरकार का दृढ़ विश्वास है कि अगर देश को आर्थिक प्रगति करनी है तो महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करना जरूरी है और इसी विश्वास के साथ सरकार बजट दर बजट महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तीकरण के रास्ते आसान करती जा रही है। इस बजट में भी सरकार का यह विजन साफ नजर आता है। बजट में महिलाओं को टिकाऊ उद्यमिता की ओर ले जाने के लिए सेल्फ एंटरप्योनोर (शी) मार्ट स्थापित किये जाने का प्रस्ताव किया गया है। इसका उद्देश्य महिलाओँ को स्थाई उद्यम, बेहतर फाइनेंसिंग और सीधे बाजार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। लखपती दीदी कार्यक्रम की सफलता के बाद सरकार ने आगे बढ़ते हुए इस बजट में महिलाओं को ऋण आधारित आजीविका से उद्यमों का मालिक बनने में मदद करने के लिए शी मार्ट स्थापित करने का प्रस्ताव किया है। ग्रामीण महिला-प्रेरित उद्यमों के लिए शी-मार्ट स्थापित होंगे।

सेल्फ हेल्प एंटरप्योनोर्स (शी) मार्ट कम्युनिटी के मालिकाना हक वाले रिटेल आउटलेट, जो कलस्टर-लेवल फेडरेशन के अंदर स्थापित किये जाएंगे। ये महिलाओँ द्वारा चलाए जा रहे सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा बनाए जा रहे प्रोडेक्ट्स के लिए एक व्यवस्थित और लगातार मार्केट एक्सेस प्रदान करेंगे।

इस पहल से आय बढ़ने , लोकल वैल्यू चेन मजबूत होने और महिलाओं को न केवल उद्यमी बल्कि रोजगार देने वाली के रूप में स्थापित होने की उम्मीद है, खास कर ग्रामीण और अर्थ-शहरी क्षेत्रों में। शी- मार्ट सेल्फ हेल्प ऐंटरप्योनोर्स मार्ट्स महिलाओं के स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट होंगे, जहां स्वयं सहायता समूह सीधे अपने उत्पाद बेच सकेंगे। इससे महिलाओं को बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी और आमदनी बढ़ने में मदद मिलेगी। बजट में महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे ग्रुप को मत्स्य पालन और तटीय आजीविका क्षेत्र में भी शामिल किया गया है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version