छपरा । आम जनता की सुरक्षा का दायित्व जिसके ऊपर हो, अगर वही लुटेरा बन जाए तो फिर आम लोगों की सुरक्षा कौन करेगा? बिहार के छपरा में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसे सुनने के बाद आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। एक थानाध्यक्ष के खिलाफ 32 लाख रुपये लूटने का आरोप लगा है। आरोपों के मुताबिक थानेदार ने पीड़ित को धमकाकर भगा दिया। सारण के आरक्षी अधीक्षक डॉ. कुमार आशीष को जैसी ही मामले का पता लगा, उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए न सिर्फ रुपये बरामद किए, बल्कि आरोपी थानाध्यक्ष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

मामले में आरोपी गृह रक्षक चालक अनिल कुमार सिंह की तलाश जारी है। 10 जनवरी को छपरा नगर थाना क्षेत्र के सोनारपट्टी निवासी ज्वेलर रोहन कुमार अपनी जमीन को बेचने के बाद मिले 64 लाख रुपये लेकर मुजफ्फरपुर जा रहे थे। रास्ते में मकेर थानाध्यक्ष एसआई रविरंजन कुमार ने गाड़ी रुकवा ली। रविरंजन ने कहा कि शराब और गांजा ले जाने की सूचना उसको मिली है।

इसके बाद वह गाड़ी को चेक करने लगा। इसी दौरान उसकी नजर नोटों से भरे दो थैलों पर पड़ी। आरोपी अधिकारी की नीयत खराब हो गई, फिर उसने अपना पुलिसिया रौब झाड़ते हुए स्वर्ण कारोबारी से 32 लाख रुपयों से भरे दोनों बैग छीन लिए। पीड़ित ज्वेलर को मौके से डरा-धमकाकर भगा दिया। इसके बाद पीड़ित ने मामले की सूचना आरक्षी अधीक्षक को दी। इस संबंध में आरक्षी अधीक्षक डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि एक आरोपी की तलाश की जा रही है। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक स्वर्ण कारोबारी मूल रूप से कोलकाता के रहने वाले हैं। पैसा लूटने के बाद जब स्वर्ण कारोबारी भेल्दी इलाके की तरफ रवाना हुए तो चालक अनिल कुमार और रविरंजन कुमार ने उनका पीछा भी किया। डरे-सहमे व्यापारी ने मामले से अपने परिजनों को अवगत करवाया। इसके बाद ये मामला सारण के स्वर्ण कारोबारियों के संज्ञान में आया। एकजुट स्वर्ण कारोबारी शुक्रवार रात को ही डीआईजी व एसपी से मिलने पहुंचे। पीड़ित ने अपनी आपबीती दोनों अधिकारियों को बताई। इसके बाद पुलिस विभाग ने एक्शन लेते हुए रुपये बरामद कर लिए। पुलिस ने दावा किया है कि दूसरे आरोपी को जल्द अरेस्ट कर लिया जाएगा।

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