
नयी दिल्ली। पटना में एनडीए के घटक दलों से बारी-बारी प्रस्ताव लेने के बाद शनिवार को दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेताओं की अहम बैठक हुई। अब रविवार को सभी सहयोगी दलों के प्रमुख नेताओं के बीच निर्णायक विमर्श होगा, ताकि सीट बंटवारे की गुत्थी सुलझाकर अंतिम सहमति बनाई जा सके। छोटी-छोटी अड़चनों को दूर करते हुए रविवार को ही फार्मूला तय होने की उम्मीद है। उसी शाम भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें पार्टी अपने हिस्से की सीटों पर उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम मुहर लगाएगी। इसके बाद गठबंधन औपचारिक रूप से चुनावी मैदान में उतर जाएगा।
एक-दो दिनों में होगी घोषणा : एक-दो दिनों में पटना में सीटों की संख्या की घोषणा की तैयारी है। हालांकि घटक दलों के दावों और मांगों पर अंतिम सहमति अभी नहीं बनी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार तैयार किए गए ब्लूप्रिंट से यह साफ है कि रविवार तक सीटों का फार्मूला सामने आ जाएगा और अगले ही दिन उम्मीदवारों की सूची भी जारी होगी। बिहार चुनाव के निर्णायक पड़ाव पर भाजपा नेतृत्व की पूरी कोशिश है कि गठबंधन की बड़ी तस्वीर एकजुटता की झलक दे और किसी तरह की दरार न दिखे। इसी उद्देश्य से एनडीए के सभी प्रमुख नेताओं को रविवार को दिल्ली बुलाया गया है। शनिवार को पटना से प्रस्तावों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर शीर्ष स्तर की बैठक हुई।
इसमें गृह मंत्री अमित शाह, बिहार प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, विनोद तावड़े सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और रालोमो से मिले प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। सबकी मांगों को संतुलित ढंग से शामिल करते हुए ब्लूच्प्रट को अंतिम रूप देने की कोशिश की गई।भाजपा के शीर्ष सूत्रों का कहना है कि मांझी और कुशवाहा की मांगों में चाहे जो अड़चन दिखे, परंतु नेतृत्व स्तर पर उनकी सहमति बन चुकी है। असली पेच लोजपा (रामविलास) की सीटों को लेकर है। मामला संख्या का नहीं कुछ खास सीटों की पसंद का है।
