
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की मुश्किलें बढ़ेगी। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर के अपमान का वीडियो वायरल होने के बाद राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा है। आयोग ने राजद प्रमुख से 15 दिनों के अंदर जवाब देने को भी कहा है। इतना ही नहीं, स्पष्टीकरण नहीं देने पर एफआईआर दर्ज करने की बात भी कही गई है।
राज्य अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष देवेंद्र कुमार ने राजद प्रमुख लालू यादव को नोटिस जारी किया है, जिसमें लिखा गया है कि लगातार सोशल मीडिया में आपके जन्मदिन का एक वीडियो देखा जा रहा है, जिसमें आप और आपके एक कार्यकर्ता द्वारा संविधान निमार्ता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की फोटो का अपमान किया जा रहा है। अत: आपको निर्देश दिया जाता है कि उक्त वीडियो के संबंध में 15 दिनों के भीतर आप आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखें, अन्यथा यह समझा जाएगा कि आपने जानबूझकर यह कृत्य किया है।
आयोग ने आगे पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आप 15 दिनों के अंदर आयोग के समक्ष अपना पक्ष नहीं रखते हैं, तो आप पर अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा चलाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन की कई फोटो वायरल हुई थीं, जिसमें कार्यकतार्ओं ने उन्हें संविधान निमार्ता बाबा साहेब अंबेडकर की फोटो भेंट की थी। उस दौरान लालू यादव कुर्सी पर थे और उनका पैर टेबल पर था। अंबेडकर की तस्वीर के सामने पैर रखने के बाद सियासी बयानबाजी तेज है। भाजपा और जदयू उन पर हमलावर हैं और इसे बाबा साहेब का अपमान बता रही हैं।
बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि लालू यादव को बाबा साहेब के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि लालू यादव का स्वास्थ्य उतना अच्छा नहीं है। सबसे पहले जितने उनके स्टाफ हैं, इन सब चीजों से उनको अलग रखना चाहिए। उनके जन्मदिन पर कोई फूल दे रहा है, कोई चित्र दे रहा है, उससे अलग करना चाहिए।
