गुवाहाटी। पूर्वोत्तर राज्य असम में हैट्रिक लगाने के साथ ही मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने चुनावी जीत की सेंचुरी पार कर ली है। सत्तारूढ़ राजग ने असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। इसमें गठबंधन ने सोमवार को 126 सदस्यीय विधानसभा में 101 सीटें जीतीं हैं। खुद मुख्यमंत्री सरमा ने जलुकबाड़ी निर्वाचन क्षेत्र से लगातार छठी बार जीत हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार बिदिशा नेओग को 89,434 मतों से हराया।

पूर्वोत्तर के सबसे प्रभावशाली नेता माने जाने वाले सरमा अब भाजपा के एक प्रमुख प्रचारक के रूप में उभरे हैं, जो चुनावी राज्यों में पार्टी के मुख्य एजेंडे का आक्रामकता से समर्थन कर रहे हैं। 2015 में कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने के बाद असम और पूर्वोत्तर में भाजपा के प्रभाव को बढ़ाने का श्रेय उन्हें दिया जाता है। भाजपा ने सोमवार को रात 8:30 बजे तक 81 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी बोडो पीपल्स फ्रंट (बीपीएफ) और असम गण परिषद (एजीपी) ने 10-10 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की।

भाजपा एक सीट पर आगे चल रही थी। विपक्षी खेमे में कांग्रेस ने 15 सीटें जीतीं और चार पर आगे चल रही थी, जबकि बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाले एआइयूडीएफ और अखिल गोगोई के नेतृत्व वाले रायजोर दल ने दो-दो सीटें जीतीं और तृणमूल कांग्रेस ने एक निर्वाचन क्षेत्र जीता।

कांग्रेस को एक बड़ा झटका तब लगा जब उसके प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई जोरहाट में भाजपा विधायक हितेंद्रनाथ गोस्वामी से 23,181 मतों से हार गए।

प्रमुख भाजपा विजेताओं में मंत्री अजानता नेओग (गोलाघाट), रनोज पेगु (धेमाजी), पिजूष हजारिका (जगिरोआद), कौशिक राय (लखीपुर), प्रशांत फुकन (डिब्रूगढ़), कृष्णेंदु पाल (पथरकंडी) और बिमल बोरा (टिंगखोंग) शामिल हैं।

कांग्रेस उम्मीदवार आसिफ मोहम्मद नजर और अफताबुद्दीन मोल्ला ने क्रमश: लहरिघाट और जलेश्वर निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल की। एआइयूडीएफ के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने बिन्नाकंदी से और मजीबुर रहमान दलगांव से जीते।

प्रमुख उम्मीदवारों में से जो चुनाव हार गए हैं, उनमें विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया, असम जातीय परिषद के अध्यक्ष लुरिंज्योति सैकिया और पूर्व राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रिपुन बोराह शामिल हैं।

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