मॉस्को। होर्मुज संकट के बीच रूस के उप प्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन ने भारत तक पहुंच के लिए रेल मार्ग तलाशने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बोस्फोरस और होर्मुज से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए रूस को हिंद महासागर तक रेल संपर्क स्थापित करने के विकल्प तलाशने चाहिए। एक साक्षात्कार में खुसनुलिन ने कहा कि हिंद महासागर तक रेल संपर्क पर भी विचार किया जाना चाहिए। बोस्फोरस और होर्मुज से जुड़े खतरे के कारण वैकल्पिक मार्गों की जरूरत पड़ सकती है। ये मार्ग तुर्कमेनिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होकर गुजर सकते हैं।

भारत तक पहुंच उपलब्ध कराने वाला कोई भी विकल्प स्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि रूस के निर्माण क्षेत्र को फिलहाल दीर्घकालिक वित्तपोषण की जरूरत है। देश का निर्माण उद्योग हर साल अतिरिक्त एक ट्रिलियन रूबल की परियोजनाओं को संभालने में सक्षम है। यदि अगले पांच वर्षों तक इस स्तर का वित्तपोषण उपलब्ध कराया जाता है, तो निर्माण क्षेत्र की क्षमता और बढ़ाई जा सकती है। रूस के उप प्रधानमंत्री का बयान ऐसे समय आया है जब मॉस्को एशिया तक व्यापारिक पहुंच के लिए वैकल्पिक परिवहन गलियारों पर जोर दे रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के दौरान होर्मुज से होने वाले समुद्री परिवहन में परेशानियां सामने आई हैं। ईरान ने अमेरिका, इजरायल और उन देशों से जुड़े पोतों के लिए जलडमरूमध्य को बंद करने का फैसला किया है, जिन्हें वह अपने खिलाफ कार्रवाई का समर्थक मानता है?

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