रांची। झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने शुक्रवार को पद से इस्तीफ दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन को सौंपा। मुख्यमंत्री ने उनके इस्तीफे को स्वीकार करते हुए उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने के लिए राज्यपाल को पत्र लिखा है। टेंडर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपित आलमगीर आलम को ईडी ने 15 मई की देर शाम गिरफ्तार किया था।

दरअसल, आलमगीर के पीएस के सहायक जहांगीर के घर से ईडी ने 35 करोड़ बरामद किए थे। इसे लेकर ईडी ने दो दिनों तक इनसे पूछताछ की थी। आलमगीर आलम 35 करोड़ रुपये की बरामदगी के मामले में ईडी को सही जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद उन्हें ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही विपक्ष लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहा था।

टेंडर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपित मंत्री आलमगीर आलम को कड़ी सुरक्षा के बीच 16 मई को रांची स्थित प्रिवेंशन आॅफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में पेश करने के बाद ईडी के विशेष लोक अभियोजक शिव कुमार उर्फ काका ने आलमगीर आलम को 10 दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की अनुमति मांगी, जिसका आलमगीर आलम के अधिवक्ता ने विरोध किया। इसके बाद कोर्ट ने छह दिनों की रिमांड की मंजूरी दी। पेशी के बाद आलमगीर आलम को ईडी ने होटवार जेल पहुंचा दिया। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से कोर्ट में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी थी।

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