रांची। जेएसएससी- सीजीएल (कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा) में कथित पेपर लीक मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच कराने की मांग के लिए दायर याचिका पर उच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया है। बुधवार को उच्च न्यायालय ने इस याचिका को खारिज करते हुए जेएसएससी को रिजल्ट जारी करने का निर्देश दिया है। मामले में उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ में सुनवाई हुई।

वहीं पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार, जेएसएससी और वादियों एवं सफल अभ्यर्थियों की ओर से बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। राज्य सरकार की ओर से गुरुवार को महाधिवक्ता राजीव रंजन, अधिवक्ता पीयूष चित्रेश और जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजॉय पिपरवाल ने इस मामले में सरकार का पक्ष रखा।

वहीं सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार सिन्हा और उच्च न्यायालय के वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने भी बहस की। उच्च न्यायालय ने याचिका खारिज करते हुए जेएसएससी को रिजल्ट जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही उन 10 अभ्यर्थियों के रिजल्ट प्रकाशन पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है, जिन्होंने नेपाल में रहकर परीक्षा की तैयारी की थी। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब राज्य में जेएसएससी- सीजीएल परीक्षा के माध्यम से होने वाली हजारों नियुक्तियों का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

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