
रांची। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा के बाद की गई नियुक्तियों को राज्य सरकार के आदेश से रद किए जाने के मामले में सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी प्रार्थियों को राहत देते हुए राज्य सरकार के नियुक्तियां रद करने संबंधी आदेश पर रोक लगा दी। अदालत ने राज्य सरकार को मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।



जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के माध्यम से नियुक्त निरोज खेस सहित 284 प्रार्थियों ने सरकार के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। पूर्व में अदालत इस तरह के मामले में सरकार के आदेश पर रोक लगा चुकी है। इस मामले में भी अदालत ने उक्त आदेश को सभी पर लागू होने का निर्णय दिया है। सीआइडी जांच में मिले तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात उन सभी परीक्षाओं को रद करने की घोषणा की थी, जिसमें टीडीपीएल की भूमिका रही है। इनके बाद कार्मिक प्रशासनिक विभाग ने परीक्षा रद करने, परीक्षा प्रक्रिया स्थगित करने और जांच कराने से संबंधित अधिसूचना जारी की है। इसमें 22 परीक्षाओं को रद करने, छह की प्रक्रिया को स्थगित करने और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में शामिल करने का उल्लेख किया गया है।

