नई दिल्ली। बीजेपी ने रेखा गुप्‍ता को द‍िल्‍ली का मुख्‍यमंत्री चुन ल‍िया है. रेखा गुप्ता शालीमार बाग सीट से विधायक हैं. नई दिल्ली सीट से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हराने वाले प्रवेश वर्मा डिप्टी सीएम होंगे. तमाम अटकलों को दरक‍िनार करते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्‍व ने उनपर भरोसा जताया है. सुबह से कई नाम हवा में तैर रहे थे, लेकिन भाजपा विधायक दल की बैठक में जब उनके नाम का ऐलान हुआ तो बहुत सारे लोग आश्चर्यचक‍ित रह गए. हालांक‍ि, बाद में सबने उन्‍हें बधाई दी. लेकिन सबके मन में एक ही सवाल होगा क‍ि आख‍िर बीजेपी ने सीएम कैसे चुना?

21 राज्यों में बीजेपी की सरकार लेकिन महिला मुख्यमंत्री कहीं भी नहींबीजेपी की 21 राज्यों में सरकार है, लेकिन कहीं भी महिला मुख्यमंत्री नहीं है. नये सीएम की शपथ लेते ही रेखा गुप्ता बीजेपी की महिला मुख्यमंत्री बन जाएंगी. शालीमार बाग सीट पर पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और हरियाणा के सीएम नायब सैनी रेखा गुप्ता के लिए प्रचार किया था. इसी से संकेत मिल रहे हैं कि आरएसएस चुनाव से पहले ही मुख्यमंत्री पद के लिए रेखा गुप्ता को चुन चुका था.कल दोपहर करीब साढ़े 12 बजे शपथ ग्रहणकल दोपहर करीब साढ़े 12 बजे रामलीला मैदान में वह मंत्रियों के साथ शपथ लेंगी. रेखा गुप्ता दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री हैं. उनसे पहले आतिशी मार्लेना, शीला दीक्षित और सुषमा स्वराज दिल्ली की महिला सीएम रही हैं.प्रवेश वर्मा ने रेखा गुप्ता के नाम का प्रस्तावरेखा गुप्ता पहली बार की विधायक हैं. उन्होंने शालीमारबाग सीट से 29 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की है. अब तक सबसे प्रबल दावेदार बताए जा रहे प्रवेश वर्मा ने रेखा गुप्ता के नाम का प्रस्ताव रखा. भाजपा प्रदेश कार्यालय में केंद्रीय पर्यवेक्षकों रविशंकर प्रसाद और ओपी धनखड़ की मौजूदगी में रेखा गुप्ता के नाम पर विधायकों ने सहमति की मुहर लगाई. 8 फरवरी को भाजपा की जीत के बाद से ही नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अटकलों का दौर चल रहा था. रेस में करीब एक दर्जन नेताओं के नाम गिनाए जा रहे थे.बीजेपी नए चेहरों को मौका दे रही है. पार्टी के द‍िग्‍गजों को हटाकर कम उम्र के नेताओं को ज‍िम्‍मेदारी सौंपी जा रही है. नए नेताओं को मौका मिल रहा है. गुजरात, मध्‍य प्रदेश, छत्‍तीसगढ़ समेत जहां भी चुनाव हुए हैं, वहां यह देखने को मिला है. यही द‍िल्‍ली में भी हुआ.

अब तक के दिल्ली का सीएम
रेखा गुप्ता दिल्ली की 8वीं मुख्यमंत्री हैं. अंतरिम सरकार के दो सीएम को जोड़ लें तो वह 10वीं मुख्यमंत्री हैं. दिल्ली में इससे पहले आतिशी, अरविंद केजरीवाल, शीला दीक्षित, सुषमा स्वराज, साहिब सिंह वर्मा, मदनलाल खुराना, गुरमुख निहाल सिंह और ब्रह्म प्रकाश को मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला.

27 साल का इंतजार खत्म
27 साल बाद भाजपा को दिल्ली में सरकार बनाने का मौका मिला है. इससे 1993 से 1998 तक राजधानी दिल्ली में भाजपा की सरकार थी. लेकिन तब 5 साल में तीन बार मुख्यमंत्री बदलने की नौबत आ गई थी. क्रमश: मदन लाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज को सीएम की कुर्सी पर बिठाया गया था.

रेखा गुप्‍ता को कमान क्‍यों सौंपा गया? क्या है वजह
हर‍ियाणा के जींद में पैदा हुईं रेखा गुप्‍ता एलएलबी पासआउट हैं. उनकी पूरी पढ़ाई द‍िल्‍ली में हुई. वे ABVP यानी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ी रही हैं और वहीं से राजनीति में सक्रिय हुईं. उनके नाम का अनाउंस होने की एक प्रमुख वजह वैश्व समुदाय से आना है. पूर्व मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इसी समुदाय से आते हैं. वैश्य समुदाय भाजपा का कोर वोटर भी है.रेखा गुप्‍ता को संगठन में काम करने का अच्‍छा खासा अनुभव है.

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