
पटना। विश्वविद्यालयों में संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों की भी नियुक्ति होगी।इसके साथ ही नियमित सहायक प्राध्यापक भी नियुक्त होंगे। नियुक्ति में बिहार सरकार द्वारा लागू आरक्षण भी प्रभावी होगा। इससे संबंधित परिनियम को राज्यपाल सैयद अता हसनैन के आदेश से राज्यपाल सचिवालय की ओर से बुधवार को अधिसूचना जारी की गई। यह अधिसूचना राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह के हस्ताक्षर से जारी हुई है। इसके अनुसार बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 (यथा अद्यतन संशोधित) और पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 (यथा अद्यतन संशोधित) के प्रविधानों के तहत परिनियम का प्रारूप तैयार करने के लिए कुलपतियों की एक कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने परिनियम के प्रारूप को अंतिम रूप के बाद उसे राज्यपाल सचिवालय को सौंपा। फिर उस पर राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के अलावा बिहार राज्य उच्च शिक्षा परिषद से प्रारूप पर सुझाव लिया गया।कुलपतियों और परिषद द्वारा प्राप्त सुझावों के आलोक में परिनियम के प्रारूप का अनुमोदन के बाद राज्यपाल सचिवालय ने बुधवार को परिनियम को अधिसूचित कर दिया गया। इसके बाद राज्य के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों और संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति का रास्ता भी साफ हो गया। इसकी प्रति को राज्यपाल सचिवालय द्वारा सभी विश्वविद्यालयों और बिहार राज्य उच्च शिक्षा परिषद (उच्च शिक्षा विभाग, बिहार सरकार) समेत अन्य संबंधित संस्थानों को भेज दी गई है। राज्यपाल सचिवालय द्वारा तत्काल प्रभाव से परिनियम को लागू करने से नवस्थापित 211 डिग्री कालेजों में नियमित प्राध्यापकों की नियुक्ति होने तक संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति जल्द शुरू होगी। यह नियुक्ति बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के जरिये होगी। प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए नेट, पीएचडी के साथ ही लिखित और मौखिक परीक्षा भी देनी होगी। परिनियम के अनुसार अभ्यर्थियों के लिए साक्षात्कार के साथ लिखित परीक्षा अनिवार्य किया गया है। लिखित परीक्षा व्याख्यात्मक होगा। इसका पाठ्यक्रम संबंधित विषय की यूजीसी-नेट परीक्षा के अनुरूप रखा गया है।यह परीक्षा 200 अंक का होगा। इसमें 175 अंक लिखित और 25 अंक मौखित परीक्षा होगी। इसके साथ कक्षा में पढ़ाकर अपनी टीचिंग स्किल भी साबित करनी होगी। साक्षात्कार के लिए निर्धारित 25 अंक में 13 अंक केवल आन-द-स्पाट टीचिंग स्किल टेस्ट के लिए निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थियों को इंटरव्यू बोर्ड के सामने पढ़ाकर अपनी क्षमता दिखानी होगी। पूरी प्रक्रिया की अनिवार्य रूप से वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। 12 अंक विषयगत समझ, व्यक्तित्व और इंटरव्यू बोर्ड के साथ बातचीत के आधार पर दिए जाएंगे। लिखित परीक्षा के परिणाम के आधार पर प्रत्येक पद के लिए तीन अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद अंतिम मेरिट तैयार की जाएगी। नियमावली के अनुसार संबंधित विषय में 55 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री और नेट, एसईटी न्यूनतम योग्यता होगी।
