
रांची। झारखंड की अर्थव्यवस्था में पिछले तीन वर्षों से लगातार वृद्धि हुई है। राज्य की जीएसडीपी वर्ष 2011-12 में 1 लाख 50 हजार 918 करोड़ रुपये था, जो इस वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंत तक स्थिर मूल्यों पर दो गुना और वर्तमान मूल्यों पर तीन गुना से अधिक होने का अनुमान है। झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की ओर से विधानसभा में पेश वर्ष 2024-25 के झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण में इसका खुलासा।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2021-22 और 2023-24 के बीच राज्य के स्थिर मूल्यों पर दो गुना और वर्तमान मूल्यों पर तीन गुना से अधिक होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2021-22 और 2023-24 के बीच राज्य के स्थिर मूल्यों पर जीएसडीपी में औसतन वार्षिक 7.7 प्रतिशत और वर्तमान मूल्यों पर जीएसडीपी में 10.7 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है। इस वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्थिर मूल्यों पर 6.7 प्रतिशत और वर्तमान मूल्यों पर 9.8 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है।
प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 105275 रुपए : इस अवधि में स्थिर मूल्यों पर प्रति व्यक्ति आय में औसतन वार्षिक 6.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई और चालू मूल्यों पर 9.1 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है। स्थिर मूल्यों पर प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2021-22 में 57,172 रुपए से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 65,062 रुपए और चालू मूल्यों पर प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2021-22 में 88,500 रुपए से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 105274 रुपए हो गई है।
जीएसडीपी में वर्ष 2025-26 में 7.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान : झारखंड के जीएसडीपी के चालू और आगामी वित्तीय वर्षों में भी वृद्धि की गति को बनाए रखने का अनुमान लगाया गया है। राज्य के वास्तविक जीएसडीपी में चालू वित्तीय वर्ष 2024725 में 6.7 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। इस प्रकार राज्य के स्थिर मूल्यों पर जीएसडीपी वर्ष 2024-25 में स्थिर मूल्यों पर 304165 करोड़ रुपए और वर्तमान मूल्यों पर 506356 करोड़ रुपए और वर्ष 2025-26 में स्थिर मूल्यों पर 3,26,941 करोड़ रुपए और वर्तमान मूल्य पर 5,56,286 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।
