रांची। तीन लाख रुपये की फिरौती के लिए अगवा की गई पांच वर्षीय बच्ची को अगर समय रहते पुलिस नहीं बचाती तो उसे मुजरा बाजार में बेच दिया जाता या उसकी हत्या कर दी जाती। यह सनसनीखेज खुलासा बच्ची के अपहरण के मुख्य आरोपित ने पुलिस पूछताछ में किया है। रांची पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के महज 12 घंटे के भीतर गया जंक्शन के पास एक होटल में छापेमारी कर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

यह घटना 16 जुलाई को दलादली टीओपी (नगड़ी थाना) क्षेत्र के सपारोम की है। पांच वर्षीय बच्ची के अपहरण की सूचना मिलते ही एसएसपी राकेश रंजन ने विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।

तकनीकी शाखा की मदद से पुलिस ने बिहार के गया जिले में गया पुलिस के सहयोग से 30 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। लगातार सर्च आपरेशन के बाद गया जंक्शन के पास स्थित एक होटल से बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

गुरुवार की सुबह सात बजे बच्ची को अपहरण कर लिया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित रमेश कुमार मिश्रा करीब एक माह पहले बच्ची के घर के बगल में किरायेदार बनकर रहने आया था। इस दौरान उसने परिवार की पूरी गतिविधियों की रेकी की।

अरोपित पहले भी इसी इलाके में रहकर सीमेंट फैक्टरी में काम कर चुका था। वह बच्ची और उसकी मां से घुल-मिल गया और परिवार का विश्वास जीत लिया। पुलिस के अनुसार बच्ची के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है और यही बात आरोपित ने अपनी योजना के लिए सबसे कमजोर कड़ी के रूप में देखी।

घटना वाले दिन रमेश बच्ची की मां के पास पहुंचा और अपने घर जाने के लिए पांच हजार रुपये मांगे। मां ने रुपये देने से इंकार कर दिया। इसके बाद उसने मौका देखकर बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया। पहले वह उसे खादगढ़ा बस स्टैंड लेकर पहुंचा और वहां से बस के जरिए गया चला गया। गया पहुंचने के बाद उसने अपने दो साथियों सचिन कुमार और मोनु कुमार को बुला लिया।

तीनों ने मिलकर बच्ची को एक होटल में छिपा दिया और उसकी मां से तीन लाख रुपये की फिरौती मांगने लगे। आरोपित लगातार बच्ची की मां को फोन कर रुपये नहीं देने पर बच्ची की हत्या कर शव फेंक देने की धमकी देता रहा।

इस दौरान डर के कारण पीड़िता से दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों पर आनलाइन पांच हजार रुपये भी ट्रांसफर करवा लिए गए। हालांकि पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार आरोपितों की लोकेशन ट्रेस करती रही।

पूछताछ में मुख्य आरोपित ने पुलिस को बताया कि यदि फिरौती की रकम नहीं मिलती तो वह बच्ची को मुजरा बाजार में बेच देता। यदि वहां भी बात नहीं बनती तो उसकी हत्या कर देता, ताकि पहचान उजागर न हो सके। बच्ची को 12 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया गया इस खुलासे के बाद पुलिस भी हैरान रह गई।

पुलिस का कहना है कि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो बच्ची की जान खतरे में पड़ सकती थी। पुलिस ने इस मामले में गया (बिहार) के दिग्गी कोंच निवासी रमेश कुमार मिश्रा, गया के खजुरी निवासी सचिन कुमार तथा जहानाबाद के मखदमपुर निवासी मोनु कुमार को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

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