अयोध्या। अयोध्या का तापमान 42 डिग्री पर पहुंचा है। राम मंदिर में विराजमान बाल स्वरूप भगवान रामलला के भोग में भी बदलाव किया गया है। उन्हें हर दिन दही और फलों का जूस दिया जा रहा है, साथ ही उन्हें सूती वस्त्र पहनाए जा रहे हैं। मंदिर के प्रधान पुजारी आचार्य सतेंद्र दास के मुताबिक राम मंदिर में विराजमान रामलला पांच वर्षीय बालक के स्वरूप में हैं इसलिए उनके रहन-सहन में भी मौसम के अनुसार बदलाव किया जा रहा है।

जनवरी में प्रतिष्ठा के दौरान ठंड का मौसम था। अब गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है इसलिए प्रतिदिन जलाभिषेक के बाद सूती वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं। भीषण गर्मी में शृंगार के बाद फूलों से सजी थाली में दीपक जलाकर आरती होती है। सुबह और शाम दही का भोग लगाया जा रहा है। इसके अलावा लस्सी को भी भोग में शामिल किया गया है।

श्रद्धालुओं ओआरएस का घोल
चिलचिलाती गर्मी पर आस्था भारी साबित हो रही है। जेठ के पहले बड़े मंगल पर रामनगरी में आस्था का सैलाब उमड़ा। श्रद्धालुओं को गर्मी से बचाने के किए गए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। अयोध्या पुलिस ने हनुमानगढ़ी पर पहुंचे श्रद्धालुओं को पानी पिला कर उनसे अपील भी की कि खाली पेट न रहे। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष तौर पर खाने-पीने और तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई। वहीं, राम मंदिर में दर्शन करने पहुंची भीड़ में ओआरएस के पैकेट बांटे गए। अयोध्?या के डीएम ने भी नागरिकों के लिए गर्मी से बचाव के लिए अडवाइजरी जारी की है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version