रामगढ़। बरकाकाना ओपी क्षेत्र स्थित सीमेंट एंड इस्पात के पावर प्लांट में शुक्रवार देर रात हुए भीषण हादसे में तीन इंजीनियरों की मौत हो गई। हादसे के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन करीब 28 घंटे तक चला और आखिरकार देर रात मुआवजे पर सहमति बनने के बाद गतिरोध खत्म हुआ। दरअसल, हादसे के बाद फैक्ट्री प्रबंधन आनन-फानन में सभी को रांची लेकर गया, जहां चिकित्सकों ने तीन इंजीनियरों को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद मृतकों के शवों को रिम्स ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई. गढ़वा निवासी इंजीनियर अभिषेक पांडेय के शव का पोस्टमार्टम रिम्स, रांची में कराया गया।

जबकि धनबाद और बोकारो निवासी मृत इंजीनियरों के शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था और परिजन बिना पोस्टमार्टम के ही शवों को वापस प्लांट लेकर पहुंचे। हालांकि मुआवजे ऐलान के बाद अब आज रामगढ़ पुलिस की ओर से मृतकों के शवों की इंक्वेस्ट (पंचनामा) और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कराई जाएगी। इसके बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

आंदोलन कर रहे लोगों का आरोप था कि हादसे के बाद लंबे समय तक फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई. शाम करीब 4 बजे तक प्रबंधन और परिजनों के बीच कोई वार्ता नहीं हुई. इसी दौरान पूरे प्लांट की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, जिसके कारण शवों को सुरक्षित रखने के लिए लाए गए डीप फ्रीजर नहीं चल सके. मजबूरन परिजनों को शवों को एंबुलेंस में एसी चलाकर रखने की व्यवस्था करनी पड़ी. इससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया।

लगातार बढ़ते विरोध के बीच करीब शाम पांच बजे फैक्ट्री के सीईओ प्लांट पहुंचे. इसके बाद मृतकों के परिजनों, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, ग्रामीणों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच मुआवजे समेत अन्य मांगों को लेकर बातचीत शुरू हुई. कई दौर की बातचीत और करीब 28 घंटे तक चले गतिरोध के बाद देर रात लगभग 1 बजे मुआवजे को लेकर सहमति बनी।

फैक्ट्री प्रबंधन ने प्रत्येक मृत इंजीनियर के परिजन को 31 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति जताई. इसके बाद तड़के करीब 3 बजे विधायक की मौजूदगी में फैक्ट्री प्रबंधन ने मृत इंजीनियरों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये का चेक और अंतिम संस्कार के लिए एक-एक लाख रुपये नकद दिए। मुआवजे पर सहमति बनने के बाद स्थिति सामान्य होने की दिशा में बढ़ी, लेकिन हादसे को लेकर फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और कथित लापरवाही पर सवाल अब भी कायम हैं।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version