
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े हालिया मामले को पूरे मंदिर परिवार के लिए बेहद दुखद बताते हुए कहा कि यह घटना एक तरह का “कलंक” है और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।पत्रकारों से बातचीत में मिश्रा ने बताया कि इस मामले को लेकर उनकी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी से चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि घटना से सभी को गहरा दुख पहुंचा है और व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि आगे ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।मिश्रा ने मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य मंदिर का अधिकांश निर्माण पूरा हो चुका है। अब पुराने मंदिर और उससे जुड़े स्मारक का कार्य शेष है, जहां 24 घंटे जलने वाली अखंड ज्योति की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्मारक से संबंधित कार्य जुलाई के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।उन्होंने बताया कि 30 जुलाई तक राम मंदिर के सभी प्रमुख निर्माण कार्य पूरे होने की उम्मीद है। इसके बाद करीब चार किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण जारी रहेगा, जिसे 30 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि तय समयसीमा के भीतर यह कार्य भी पूरा हो जाएगा।मिश्रा के अनुसार, मंदिर परिसर के बाहर बन रहे ऑडिटोरियम का निर्माण नवंबर-दिसंबर तक पूरा होने की संभावना है। वहीं राम कथा संग्रहालय की स्टोरी लाइन तैयार हो चुकी है। अब संग्रहालय में आधुनिक तकनीक और वीडियो प्रस्तुति के स्वरूप पर अंतिम निर्णय आगामी बैठकों में लिया जाएगा।श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या पर उन्होंने कहा कि रामलला का मंदिर अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता के कारण विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। उनका विश्वास है कि सनातन धर्म का प्रत्येक व्यक्ति जीवन में कम से कम एक बार यहां दर्शन करने अवश्य आएगा।उन्होंने यह भी बताया कि निर्माण समिति की बैठकों में एलएंडटी, टीसीई, राजकीय निर्माण निगम, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड सहित विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। किसी विवाद या महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय के लिए न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति अपनी सिफारिशें ट्रस्ट को सौंपती है, जिसके बाद ट्रस्ट अंतिम निर्णय लेता है।




